हवाना, चार सितंबर (एपी) अमेरिका ने पहले से कई समस्याओं से जूझ रहे क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ाने की कोशिश के तहत बृहस्पतिवार को उस पर नए प्रतिबंध लगाए।
जिन लोगों एवं कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो और क्यूबा की तेल उद्योग आपूर्ति आयात कंपनी ‘अबापेट’ भी शामिल हैं। यह कंपनी क्यूबा की जर्जर बिजली व्यवस्था को चालू रखने के लिए जरूरी विशेष उपकरणों और कलपुर्जों का आयात करती है।
प्रतिबंध मामलों के विशेषज्ञ और परामर्श कंपनी ‘ओब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स’ के प्रबंध साझेदार ब्रेट एरिकसन ने कहा कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य क्यूबा की महत्वपूर्ण मशीनों और उपकरणों के कामकाज को बाधित करना तथा उसके ऊर्जा संकट को और गंभीर बनाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका क्यूबा पर अधिक से अधिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।’’
एरिकसन ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा में सत्ता परिवर्तन के अलावा किसी अन्य बदलाव को स्वीकार करने को लेकर गंभीर नहीं दिखता और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा को छोड़ेंगे नहीं।
एरिकसन ने अनुमान जताया कि क्यूबा सरकार प्रतिबंधों से बचने के रास्ते तलाशेगी, ‘‘क्योंकि उसके पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे रखरखाव के लिए जरूरी इन कलपुर्जों को हासिल करने के लिए नए तरीके तलाशेंगे।’’
उन्होंने साथ ही आगाह किया कि यह अधिक महंगा विकल्प होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी और क्यूबा की अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जून में मंजूर ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के बारे में और जानकारी देने के लिए क्यूबा के अधिकारियों द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन के कुछ ही घंटे बाद इन प्रतिबंधों की घोषणा की।
क्यूबा की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उप प्रधानमंत्री और विदेशी निवेश मंत्री ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने इसके लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मेक्सिको में क्यूबा के राजदूत यूजेनियो मार्टिनेज एनरिकेज ने प्रतिबंधों की निंदा की।
इस बीच रुबियो ने ‘एक्स’ पर कहा कि जिन लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे ‘‘कास्त्रो के भ्रष्ट वित्तीय और खुफिया नेटवर्क का हिस्सा हैं।’’
रुबियो ने लिखा, ‘‘ट्रंप और मैं इस संकल्प पर अडिग हैं कि क्यूबा स्वतंत्र होगा।’’
एपी
सिम्मी शोभना
शोभना