अफगानिस्तान में शांति के राजनयिक प्रयासों के समर्थन के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहेगा अमेरिका

अफगानिस्तान में शांति के राजनयिक प्रयासों के समर्थन के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहेगा अमेरिका

अफगानिस्तान में शांति के राजनयिक प्रयासों के समर्थन के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहेगा अमेरिका
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: April 16, 2021 7:35 am IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 16 अप्रैल (भाषा) अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के निदेशक विलियम बर्न्स ने कहा है कि अफगानिस्तान में शांति सुनिश्चित करने के राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के दीर्घकालिक हित में है कि उसके युद्धग्रस्त पड़ोसी देश में असुरक्षा और अस्थिरता नहीं रहे क्योंकि इससे स्वयं उसके अपने हित प्रभावित होंगे।

बर्न्स हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष एडम शिफ के सवाल का जवाब दे रहे थे।

बृहस्पतिवार को एक बैठक में शिफ ने पूछा था, ‘‘अफगानिस्तान से हमारे सैनिकों की वापसी का आपके खयाल से पाकिस्तान से तालिबान के संबंधों, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क और अन्य से संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अमेरिकी सेना की अनुपस्थिति में इनमें क्या बदलाव आएगा?’’

इस पर बर्न्स ने कहा, ‘‘राजनयिक प्रयासों के समर्थन में आज पाकिस्तान सकारात्मक भूमिका निभा रहा है, कम से कम उन प्रयासों में जो अमेरिका तथा अन्य देश कर रहे हैं ताकि अफगानिस्तान की सरकार और तालिबान के बीच जो गहरी खाई है से पाटी जा सके।’’

उन्होंने सांसदों से कहा कि अफगानिस्तान में असुरक्षा और अस्थिरता को रोकने में पाकिस्तान का दीर्घकालिक हित है क्योंकि ये हालात बढ़ सकते हैं जो खुद पाकिस्तान के हितों के लिए नुकसानदायक होगा।

बर्न्स ने कहा, ‘‘इसलिए इस लिहाज से अफगानिस्तान में सुरक्षा में पाकिस्तान की भी भागीदारी बनी हुई है। वहीं, हम भी इस दिशा में उन पर दबाव बनाना जारी रखेंगे।’’

भाषा मानसी शाहिद

शाहिद


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