अमेरिका में रह रहे वेनेजुएला के लोगों ने मादुरो के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर जश्न मनाया

अमेरिका में रह रहे वेनेजुएला के लोगों ने मादुरो के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर जश्न मनाया

अमेरिका में रह रहे वेनेजुएला के लोगों ने मादुरो के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर जश्न मनाया
Modified Date: January 4, 2026 / 03:45 pm IST
Published Date: January 4, 2026 3:45 pm IST

डोराल (अमेरिका), चार जनवरी (एपी) वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़ लिए जाने और अमेरिका लाने की खबर फैलते ही, दक्षिण फ्लोरिडा में रहने वाले वेनेजुएला के लोग जश्न मनाने लगे और कुछ लोग वहां का झंडा कंधों पर लपेट कर ‘आजादी’ का नारा लगाने लगे।

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से वेनेजुएला के कुछ निवासियों को अपने प्रियजनों से दोबारा मिलने का सपना पूरा होता हुआ दिखाई देने लगा है।

मादुरो को पकड़ने की खबर फैलते ही मियामी के उपनगर डोराल में लोग एक रैली के लिए इकट्ठा हुए। इस इलाके में लगभग आधी आबादी वेनेजुएला मूल की है और यहीं पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक गोल्फ रिसॉर्ट है।

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डोराल में वेनेजुएला की संस्कृति के केंद्र, ‘एल अरेपाज़ो रेस्तरां’ के बाहर, एक व्यक्ति ने गत्ते का एक टुकड़ा पकड़ रखा था जिस पर काले मार्कर से ‘स्वतंत्रता’ लिखा हुआ था।

यह भावना वेनेजुएला मूल के अन्य लोगों ने भी व्यक्त की थी जो अपने देश के लिए एक नई शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं, और ‘स्वतंत्रता! स्वतंत्रता! स्वतंत्रता!’ के नारे लगा रहे थे।

साल 1997 में अमेरिका आईं एलेजांद्रा अरिएटा ने कहा ‘हम भी बाकी सब लोगों की तरह ही हैं – जाहिर है, यह भावनाओं का एक मिलाजुला रूप है। डर भी है। उत्साह भी है।’

अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के निर्वासित लोगों में आशा की किरण जगी है।

मादुरो को पकड़े जाने के घटनाक्रम ने डेविड नुनेज के लिए वेनेजुएला में अपने प्रियजनों से मिलने की उम्मीद जगाई है।

नुनेज ने बताया कि वेनेजुएला में राजनीतिक सक्रियता के कारण उत्पीड़न झेलने के बाद छह साल पहले वे अमेरिका भाग आए थे और तब से उन्होंने अपनी बेटियों (उम्र आठ और 17 साल) को नहीं देखा है।

इस बीच वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए। वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, मेयर कारमेन मेलेन्डेज़ मादुरो को छोड़ने की मांग कर रही भीड़ में शामिल हुईं।

भीड़ नारे लगा रही थी,“मादुरो, टिके रहो, जनता उठ खड़ी हुई है! हम यहां हैं, निकोलस मादुरो। अगर आप हमें सुन सकते हो, तो जान लो कि हम यहां हैं!”

एपी

नोमान संतोष

संतोष


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