जानें जेटली और माल्या के बीच क्या है सेटलमेंट ? जिसे लेकर हो रहा विवाद
जानें जेटली और माल्या के बीच क्या है सेटलमेंट ? जिसे लेकर हो रहा विवाद
नई दिल्ली। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट के बाहर ये सनसनीखेज दावा कर देश की राजनीति में हलचल मचा दी कि उन्होंने सेटलमेंट का ऑफर लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। हालांकि इस मुलाकात के बारे में विस्तार से बताने से विजय माल्या ने साफ इनकार कर दिया। माल्या ने कहा, मुझे बलि का बकरा बनाया गया है। दोनों ही राजनीतिक दल मुझे पसंद नहीं करते। उसने कहा कि सेटलमेंट के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपए की संपत्तियां मैं कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष रख चुका हूं।
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अरुण जेटली से मिलने संबंधी माल्या के दावे पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर सीधे अरूण जेटली का इस्तीफा मांग लिया है। वहीं फेसबुक ब्लॉग पर सफाई देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अब तक मैंने माल्या को कोई अपॉइंटमेंट नहीं दिया। वे राज्यसभा सदस्य थे और मैं सदन से निकलकर अपने कमरे में जा रहा था। इसी दौरान साथ चलते-चलते कहा कि मैं सेटलमेंट की पेशकश कर रहा हूं। उन्हें बात आगे बढ़ाने से रोकते हुए मैंने कहा यह पेशकश बैंकों के समक्ष करें। वहीं कांग्रेस नेता पीएल पुनिया भी ये दावा कर रहे हैं कि उन्होंने वित्त मंत्री और माल्या को सेंट्रल हॉल में बात करते हुए देखा था।
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आपको बतादें भारत के बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भागने के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में बुधवार को ब्रिटेन की कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट 10 दिसंबर को इस मामले में फैसला सुनाएगा। अगर कोर्ट माल्या के प्रत्यर्पण का अनुमति देता है, तो इसके बाद मामला ब्रिटेन के होम डिपार्टमेंट के पास जाएगा। जहां से माल्या के प्रत्यर्पण की अनुमति पर फैसला होगा। अगर फैसला माल्या के खिलाफ आता है तो वह ऊंची अदालत में इसे चुनौती भी दे सकता है।
वेब डेस्क, IBC24

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