बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान खत्म, मतगणना शुरू

बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान खत्म, मतगणना शुरू

बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान खत्म, मतगणना शुरू
Modified Date: February 12, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: February 12, 2026 7:11 pm IST

(फोटो के साथ)

ढाका, 12 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश में महत्वपूर्ण आम चुनाव के लिए लोगों ने बृहस्पतिवार मतदान किया। हालांकि, मतदान छिटपुट हिंसा की घटनाओं से प्रभावित रहा।

बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव कराया गया है।

देश भर में 300 में से 299 संसदीय सीट पर मतदान सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ और शाम साढ़े चार बजे तक जारी रहा। हालांकि, जिन जगहों पर मतदाता मतदान केंद्र के अंदर थे, वहां उनके मतदान करने तक मतदान जारी रहेगा।

कई जगहों पर मतगणना शुरू हो चुकी है।

एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया है।

मतदान शुरू होने के बाद देश की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को अपने वोट डाले।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के रिहायशी गुलशन इलाके में स्थित गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज में बने मतदान केंद्र में अपना वोट डाला। रहमान पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।

रहमान ने मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए कहा, ‘‘मैंने मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया है। बांग्लादेश की जनता एक दशक से अधिक समय से इस दिन का इंतजार कर रही थी।’’

बीएनपी की पूर्व सहयोगी और अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मोनीपुर उच्च विद्यालय एवं कॉलेज में अपना वोट डाला।

हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।

सरकारी ‘बीएसएस’ समाचार एजेंसी के अनुसार बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर दो बजे तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ।

देश भर में 299 निर्वाचन क्षेत्रों में 42,779 मतदान केंद्रों पर लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मत डालने के लिए पंजीकृत थे।

बांग्लादेश की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ मुख्य सलाहकार यूनुस ने शुरूआत में ही मतदान किया।

निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, जो देश के चुनावी इतिहास में सुरक्षाकर्मियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के रिहायशी गुलशन इलाके में स्थित गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज केंद्र में अपना वोट डाला। रहमान पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर चुनाव ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष, तटस्थ तरीके से और बिना किसी विवाद के’’ होते हैं तो बीएनपी परिणामों को स्वीकार करेगी।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग अपना वोट डालते हैं तो आज से ही देश में लोकतंत्र की शुरुआत हो सकती है।’’

बीएनपी की पूर्व सहयोगी और अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मोनीपुर उच्च विद्यालय एवं कॉलेज में अपना वोट डाला।

मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए शफीकुर ने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए तो उनकी पार्टी नतीजों को स्वीकार करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे नतीजे चाहते हैं जो निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए आएं। अगर मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा तो हम नतीजे को स्वीकार करेंगे। दूसरों को भी इसे स्वीकार करना चाहिए। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। हम यही चाहते हैं।’’

निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, जो देश के चुनावी इतिहास में सुरक्षाकर्मियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

कई जगहों से चुनावी हिंसा की खबरें आई हैं।

‘बीडीन्यूज24’ की खबर के अनुसार, गोपालगंज में बम हमले में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए हैं।

बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे निचुपाड़ा स्थित रेशमा इंटरनेशनल स्कूल में बने मतदान केंद्र में विस्फोट हुआ। इस घटना में चुनाव सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अर्द्धसैनिक सहायक बल ‘अंसार’ के दो सदस्य भी घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।

मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी जहिरुल इस्लाम ने बताया कि घायलों को मामूली चोट आई थी और मतदान थोड़ी देर बाद फिर से शुरू हो गया।

एक अन्य घटना में मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र के बाहर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए, जिससे मतदान अस्थायी रूप से बाधित हो गया।

बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मखाती गुरुचरण हाई स्कूल में बने मतदान केंद्र के सामने विस्फोट हुए। अधिकारियों ने बताया कि 10 से 12 देसी बमों में धमाका हुआ। केंद्र पर मतदान करीब 15 मिनट के लिए रोक दिया गया।

पीठासीन अधिकारी मोहम्मद तितुमिर ने कहा कि विस्फोटों से मतदाताओं में दहशत फैल गई।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ देर के लिए मतदान रोक दिया था, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो गया है और लोग अपना वोट डाल रहे हैं।’’

इसके अलावा, खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के दौरान एक बीएनपी नेता की मौत हो गई।

बीएनपी का कहना है कि जमात के एक नेता के धक्का देने की वजह से पेड़ से टकराकर वह घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि जमात नेता का दावा है कि इस अशांति के दौरान बीएनपी नेता बीमार पड़ गए थे।

कुल 50 राजनीतिक दलों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार हैं।

यूनुस ने कहा है कि वह निर्वाचित सरकार को तत्काल सत्ता सौंप देंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संबंधित पक्षों से मतदान के दिन संयम, सहिष्णुता और लोकतंत्र के अनुकूल व्यवहार बनाए रखने की अपील की है।

मतदान के दौरान हिंसा रोकने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लगभग 9,00,000 कर्मियों को तैनात किया गया। प्रशासन ने राजधानी के प्रमुख इलाकों में बख्तरबंद वाहन (एपीसी) और त्वरित कार्यबल (आरएटी) तैनात किए हैं।

पहली बार, चुनाव सुरक्षा के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।

करीब 81 स्थानीय संगठनों के 55,454 पर्यवेक्षकों ने चुनाव की निगरानी की, जबकि विदेशी चुनाव पर्यवेक्षकों की संख्या 394 रही। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों में से 80 विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से हैं, जबकि बाकी अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें स्वतंत्र यूरोपीय पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।

‘इत्तेफाक’ अखबार के अनुसार, उत्तर पश्चिमी जॉयपुरहाट के कलाई इलाके में एक पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच मतपत्रों की फोटोकॉपी वितरित करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

‘डेली स्टार’ की खबर के अनुसार, उत्तर पूर्व सिलहट के बालागंज उप-जिले में ‘‘मतपत्रों की हेराफेरी के आरोपों में जमात और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई’’, जहां एक स्थानीय जमात नेता और कई अन्य लोग आधी रात के आसपास एक मतदान केंद्र में घुस गए तभी बीएनपी कार्यकर्ताओं ने उन पर धावा बोला, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई और सुरक्षा हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी।

वहां, मौजूद बीएनपी उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी की मदद से रात 11 बजे मतपत्रों पर मुहर लगाने का काम शुरू हुआ था।

राजधानी ढाका में पुलिस ने वोट खरीदने के आरोप में एक जमात नेता को गिरफ्तार किया, जबकि मतदान से कुछ घंटे पहले दक्षिण-पश्चिमी गोपालगंज में सात मतदान केंद्रों के पास देसी बम विस्फोट हुए।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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