जब कुशल प्रवासी कर्मचारी जरूरत से ज्यादा योग्य हो, तो नियोक्ताओं को भी चुकानी पड़ती है इसकी कीमत

जब कुशल प्रवासी कर्मचारी जरूरत से ज्यादा योग्य हो, तो नियोक्ताओं को भी चुकानी पड़ती है इसकी कीमत

जब कुशल प्रवासी कर्मचारी जरूरत से ज्यादा योग्य हो, तो नियोक्ताओं को भी चुकानी पड़ती है इसकी कीमत
Modified Date: August 30, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: August 30, 2026 7:15 pm IST

(किंग्स्ले इवांडे और स्टेसी फिट्जसिमंस, विक्टोरिया विश्वविद्यालय)

विक्टोरिया (कनाडा), 30 अगस्त (द कन्वरसेशन) कनाडा कई कार्यक्रमों के जरिए ज्यादा पढ़े-लिखे और हुनरमंद प्रवासियों को बुलाता है, फिर भी इनमें से कई प्रवासियों को अपनी काबिलियत और अनुभव के हिसाब से नौकरी पाने में मुश्किल होती है।

माध्यमिक स्तर से ऊपर की शिक्षा वाले लगभग हर तीन में से एक प्रवासी का कहना है कि वे अपनी नौकरी के लिए जरूरत से ज्यादा योग्य हैं। ‘स्टैटिस्टिक्स कनाडा’ के 2024 और 2025 के आंकड़ों के अनुसार यह आंकड़ा 33 प्रतिशत है, जबकि कनाडा में जन्मे कर्मचारियों के बीच यह आंकड़ा 19 प्रतिशत है।

इस मुद्दे पर ज्यादातर बातचीत स्वाभाविक रूप से इस बात पर केंद्रित रही है कि कुशल अप्रवासी अपनी योग्यता से कम स्तर की नौकरियों में क्यों काम करते हैं। अक्सर उनकी विदेशी डिग्रियों, कौशल और अनुभव को कम आंका जाता है, खासकर तब जब वे गैर-ओईसीडी देशों से आते हैं, जबकि नियोक्ता कनाडाई अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं।

ये बहुत जरूरी मुद्दे हैं और इनसे निपटने की कोशिशें जारी रहनी चाहिए। लेकिन इस बात पर कम ध्यान दिया गया है कि यह असमानता न सिर्फ कर्मचारियों के लिए, बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी एक समस्या क्यों है, और जब कोई जरूरत से ज्यादा योग्य अप्रवासी पहले से ही नौकरी कर रहा हो, तो नियोक्ता क्या कर सकते हैं।

हम सामाजिक मनोविज्ञान और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के शोधकर्ता हैं जो प्रवासन, आप्रवासियों के अनुकूलन और आर्थिक गतिशीलता के साथ-साथ इस बात का अध्ययन करते हैं कि संगठन बहुसांस्कृतिक कर्मचारियों की ताकत को बेहतर ढंग से कैसे पहचान सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं।

जब ज़रूरत से ज़्यादा योग्यता पर ध्यान नहीं दिया जाता

अप्रवासियों के लिए, जरूरत से ज्यादा योग्य होने का असर उनके कल्याण, नौकरी से मिलने वाली संतुष्टि और नए देश में उनकी तरक्की की भावना पर पड़ सकता है।

कनाडा में नए अप्रवासियों पर किये गये चार साल के एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों की योग्यता उनकी नौकरी की पात्रता जरूरतों से ज्यादा थी, उनमें मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत करने की संभावना ज्यादा थी। इस संबंध का एक बड़ा हिस्सा नौकरी से असंतुष्टि और इस भावना से जुड़ा था कि कनाडा में उनका पद, वहां आने से पहले के उनके पेशेवर दर्जे के मुकाबले कमतर था।

जर्मनी में हुए एक शोध से पता चला है कि जो प्रवासी अपने नए देश से गहराई से जुड़ाव महसूस करते थे, जब उन्हें अपनी योग्यता के हिसाब से कमतर नौकरी मिली, तो उनकी नौकरी से संतुष्टि में सबसे ज्यादा गिरावट आई। ऐसे कर्मचारियों के लिए, योग्यता और नौकरी का यह बेमेलपन नए समाज में खुद को नकारे जाने या अपनी अहमियत कम समझे जाने जैसा लग सकता है।

नियोक्ताओं को क्यों परवाह करनी चाहिए

इसका असर नियोक्ता पर भी पड़ सकता है। जरूरत से ज्यादा काबिल कर्मचारियों पर हुए शोध से पता चलता है कि अपनी नौकरी से निराशा के कारण, वे अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर साथियों की मदद करने या पूरे संगठन में योगदान देने के लिए कम इच्छुक हो सकते हैं। इसमें साथियों को सिखाना, अतिरिक्त परियोजनाओं के लिए खुद से आगे आना या संगठन को बेहतर बनाने के तरीके सुझाना शामिल हो सकता है।

जरूरत से ज्यादा काबिल कर्मचारियों पर हुए एक और अध्ययन में पाया गया कि जो कर्मचारी खुद को अपनी नौकरी के लिए जरूरत से ज़्यादा काबिल समझते थे, उनके नौकरी छोड़ने की संभावना लगभग चार गुना ज्यादा थी। इसलिए, नियोक्ताओं के लिए कौशल का सही तालमेल न होना कर्मचारियों को बनाए रखने की समस्या बन सकता है, जिससे भर्ती और दोबारा प्रशिक्षण का खर्च बढ़ जाता है।

नियोक्ता क्या कर सकते हैं

शोध से पता चलता है कि नियोक्ता, जरूरत से ज्यादा योग्यता वाले कर्मचारियों को ज्यादा आज़ादी, अपने कौशल का इस्तेमाल करने के मौके और आगे बढ़ने का सही रास्ता देकर, अतिरिक्त योग्यता के कुछ बुरे असर (जैसे नौकरी से कम संतुष्टि और नौकरी छोड़ने का इरादा) को कम कर सकते हैं।

एक अध्ययन में पाया गया कि जिन कर्मचारियों के पास अपनी योग्यता से कम स्तर का काम था और जिनका अपने काम पर बहुत कम नियंत्रण था, उनके काम से पीछे हटने या नौकरी छोड़ने के बारे में सोचने की संभावना ज़्यादा थी।

उनके लिए तरक्की का भविष्य का रास्ता देखना भी जरूरी है। 2026 के एक अध्ययन में पाया गया कि जरूरत से ज्यादा काबिल कर्मचारियों ने तब ज्यादा सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जब उन्हें अपनी संस्था में करियर में आगे बढ़ने के उपयुक्त अवसर दिखाई दिए।

इस अंतर को ठीक से संभालने से नियोक्ता कुशल कर्मचारियों को बनाए रख सकते हैं, साथ ही कर्मचारियों को अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने का बेहतर मौका भी मिल सकता है।

द कन्वरसेशन प्रशांत नरेश

नरेश


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