Govt Employees Salary News: इन कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगी सरकार! कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मान रहे थे बात, अब एक्शन की तैयारी

इन कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगी सरकार! कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मान रहे थे बात, Salary Cut For Employee Who does not Pay Alimony

Govt Employees Salary News: इन कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगी सरकार! कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मान रहे थे बात, अब एक्शन की तैयारी
Modified Date: August 30, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: August 30, 2026 5:51 pm IST

भुवनेश्वर। Salary Cut For Employee ओडिशा सरकार ने अदालत के आदेश के बावजूद पत्नी और बच्चों को गुजारा भत्ता या एलिमनी का भुगतान नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब ऐसे कर्मचारियों के वेतन से कोर्ट द्वारा निर्धारित राशि सीधे काटकर संबंधित पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से रविवार को जारी बयान में यह जानकारी दी गई। सरकार के मुताबिक राज्य स्तरीय शिकायत सुनवाई के दौरान हर बार दो से तीन ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं, जिनमें महिलाएं और बच्चे सरकारी कर्मचारियों द्वारा अदालत के आदेश के बावजूद भरण-पोषण की राशि नहीं दिए जाने की शिकायत कर रहे थे। तलाक से जुड़े मामलों में एलिमनी का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

डीडीओ की होगी अहम जिम्मेदारी

Salary Cut For Employee मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अदालत द्वारा तय की गई भरण-पोषण की राशि संबंधित कर्मचारी के वेतन से सीधे काटकर लाभार्थी के खाते में जमा कराई जाए। इसके लिए विभागीय ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) को जिम्मेदारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी कर्मचारी के खिलाफ पत्नी या बच्चों को भरण-पोषण देने का अदालत का आदेश प्राप्त होगा, डीडीओ वेतन बिल तैयार करते समय निर्धारित राशि की कटौती करेगा। इसके बाद यह राशि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संबंधित पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी।

HRMS से जोड़े जाएंगे मामले

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अदालत द्वारा निर्देशित भरण-पोषण से जुड़े मामलों को ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) से जोड़ने का भी निर्देश दिया है। सरकार का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और स्वचालित होगी तथा अदालत के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद अदालत के आदेश की अवहेलना करना और पत्नी व बच्चों को उनके अधिकार से वंचित रखना सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं है। नई व्यवस्था के जरिए ऐसे मामलों में अदालत के आदेश का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

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