केअर स्टार्मर के स्थान पर प्रधानमंत्री बनने के मुख्य दावेदार कौन हैं?

केअर स्टार्मर के स्थान पर प्रधानमंत्री बनने के मुख्य दावेदार कौन हैं?

केअर स्टार्मर के स्थान पर प्रधानमंत्री बनने के मुख्य दावेदार कौन हैं?
Modified Date: May 17, 2026 / 05:42 pm IST
Published Date: May 17, 2026 5:42 pm IST

(चार्ल्स लीस, लंदन विश्वविद्यालय)

लंदन, 17 मई (द कन्वरसेशन) वेस्टमिंस्टर के राजनीतिक हलकों में यह बात लगभग तय मानी जा रही है कि केअर स्टार्मर का प्रधानमंत्री कार्यकाल जल्द समाप्त हो सकता है। इसका कारण यह है कि ब्रिटेन की जनता ने अपना मन बना लिया है और वे स्टार्मर को पसंद नहीं करते।

लेबर पार्टी के सांसद इस बात को भलीभांति जानते हैं क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में हाल के चुनाव अभियानों के दौरान घर-घर जाकर प्रचार के दौरान जनता में व्याप्त गुस्से का स्तर देखा है। हालांकि, उन्हें तुरंत समझ नहीं आया कि इस समस्या से निपटने के लिए क्या किया जाए।

इसके बाद वेस स्ट्रीटिंग ने स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, और अपने त्यागपत्र में स्टार्मर की आलोचना करते हुए कहा कि जहां राजनीतिक दूरदर्शिता की आवश्यकता थी, वहां एक ‘शून्यता’ है।

ब्रिटेन के हालिया इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जब प्रधानमंत्रियों को स्थिति कमजोर होने पर पद छोड़ना पड़ा। कंजर्वेटिव पार्टी के प्रधानमंत्रियों में थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन और लिज़ ट्रस को अंततः पद छोड़ना पड़ा था।

इस तरह की कार्रवाई के अपने नुकसान हैं, जिसका असर पार्टी की एकता पर, बाजार की भावना पर और मतदाताओं के राजनीतिक नजरिये पर पड़ता है। यही कारण है कि अब तक लेबर पार्टी के समझदार सदस्यों ने या तो चुप्पी साध रखी थी या सावधानी बरतने की सलाह दी थी। लेकिन लेबर पार्टी के कई सांसदों का मानना ​​है कि शीर्ष नेतृत्व में बदलाव अब अपरिहार्य है।

स्ट्रीटिंग, रेनर या बर्नहैम : पार्टी के दक्षिणपंथी धड़े से, जुझारू नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री स्ट्रीटिंग, स्टार्मर को चुनौती देने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं। लेकिन उन्हें अब भी कम से कम 81 साथी लेबर सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है।

नेतृत्व हासिल करने की स्ट्रीटिंग की दावेदारी को मीडिया का एक बड़ा हिस्सा समर्थन देगा, लेकिन कई लोगों का मानना ​​है कि पुराने ब्लेयरवादी सिद्धांतों को फिर से दोहराने का उनका प्रयास पार्टी सदस्यों के बीच उनकी लोकप्रियता को सीमित कर देगा, और नेतृत्व की दौड़ में सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

इसके विपरीत, तथाकथित ‘नरम वामपंथी’ खेमे की एक संभावित उम्मीदवार, पूर्व उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने अब अपने कर मामलों को सुलझा लिया है और पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के बीच अधिक लोकप्रिय हैं। लेकिन, इससे लंदन के कई विशेषज्ञों के उनसे अलग होने का खतरा है।

स्ट्रीटिंग और रेनर दोनों के पास व्यापक स्तर पर ब्रिटिश जनता के बीच वास्तविक प्रभाव डालने की क्षमता नहीं है, और यहीं पर ग्रेटर मैनचेस्टर के वर्तमान महापौर एंडी बर्नहैम की भूमिका सामने आती है।

बर्नहैम सांसद नहीं हैं और वह जोश सिमंस के पद छोड़ने के फैसले से खाली हुए मेकरफील्ड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं, लेकिन उनकी जीत की कोई गारंटी नहीं है। लेबर पार्टी की मौजूदा अलोकप्रियता को देखते हुए, पार्टी यह मानकर नहीं चल सकती कि वह कहीं भी उपचुनाव जीत पाएगी।

अगर बर्नहैम इस बाधा को पार भी कर लेते हैं, तो इस बात का वास्तविक खतरा है कि महापौर पद के लिए लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उनके स्थान पर खड़े होने वाले उम्मीदवार को ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी से हार का सामना करना पड़ सकता है। इससे विरोधियों को बर्नहैम के इस कदम से पार्टी को नुकसान पहुंचाने के रूप में पेश करने का मौका मिल जाएगा।

बर्नहैम न केवल लेबर पार्टी के सदस्यों के बीच अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वियों से अधिक मत प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जनता के बीच भी उन्हें स्ट्रीटिंग और रेनर के मुकाबले असाधारण रूप से अधिक लोकप्रियता प्राप्त है।

(द कन्वरसेशन) शफीक संतोष

संतोष


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