CM Mohan Yadav News : ‘मास्टर ट्रेनर’ बने CM मोहन यादव! छात्राओं को सिखाया सफलता का फॉर्मूला, ChatGPT को लेकर भी दी खास सलाह
भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पढ़ाई, करियर, AI और अनुशासन पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा …

CM Mohan Yadav News
भोपाल : CM Mohan Yadav News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वह कुंजी है, जो विद्यार्थियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाती है। आज इन युवाओं के चेहरों पर ही मुझे भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है।” यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को टी.टी. नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों के साथ आयोजित आत्मीय संवाद कार्यक्रम में कही। विद्यालय में संवाद के दौरान 'मास्टर ट्रेनर' की भूमिका में नज़र आए। उन्होंने छात्राओं को सफलता के अनमोल टिप्स दिए और भरोसा दिलाया कि 'आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है'। विद्यार्थियों के हर सपने को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में युवा वर्ग की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अमृतकाल की यह युवा पीढ़ी ही प्रदेश और देश को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश का अमृतकाल चल रहा है। आज के युवा देश की अमृत पीढ़ी हैं, देश के नवनिर्माता हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना युवा वर्ग मिलकर ही पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज यदि युवा के पास कुछ कर गुजरने के बड़े सपने हैं, तो मैं खुद और हमारी पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने सपने को पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कीजिए, क्योंकि भविष्य का मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना आपकी मेहनत से ही साकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं, लायब्रेरी, संगीत कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का मुआयना किया। विद्यालय की बालिकाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पौधा भेंटकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मैं भी ऐसे ही किसी सरकारी विद्यालय में ही पढ़ा हूं। हमारे समय में स्कूलों में इतनी सुविधाएं नहीं होती थीं। भारत को अपनी शिक्षा व्यवस्था और ज्ञान के बल पर विश्व में सम्मान मिलता है। भारत का अर्थ है कि जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन हो। इसी प्रकार गुरु भी हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं। भारतीय संस्कृति जियो और जीने दो, वसुधैब कुटुम्बकम की संस्कृति है। भारतीय गुरूकुल परंपरा और शिक्षा व्यवस्था का गौरवशाली इतिहास रहा है। भारत के अलावा दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जो आर्थिक रूप से ज्यादा शक्तिशाली हैं, लेकिन सिर्फ धन से देश नहीं चलता है। देश जीवन मूल्यों और संस्कारों के साथ आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय इस वक्त देश के सबसे अच्छे विद्यालय हैं। अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि इस कमला नेहरू स्कूल की 58 छात्राएं मेरिट में उत्तीर्ण हुई हैं। आज निजी विद्यालयों के बच्चे भी सांदीपनि विद्यालयों में आने के लिए लालायित हैं। बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, सेना में अफसर बनें। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। अगर देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है तो राजनीति में भी आने पड़ेगा। युवा शिक्षित होकर कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से आगे बढ़ें। देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं। राज्य सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं तैयार की हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की नई शिक्षा यात्रा के बारे में सरकार के प्रयासों की जानकारी भी बालिकाओं को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, यह विद्यार्थियों भविष्य गढ़ने की प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पहले चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के 274 सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनि विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। दूसरे चरण में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के 200 नए सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय कार्य विभाग के 205 नए सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाकर हम सब एक नया मध्यप्रदेश और नया भारत गढ़ने जा रहे हैं।

बाल कैबिनेट की दी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय की छात्राओं ने विद्यालय में संचालित बाल कैबिनेट की जानकारी दी। बाल कैबिनेट में यहां की छात्राएं स्पोर्ट्स मिनिस्टर, कल्चरल मिनिस्टर, डिसीप्लिन मिनिस्टर जैसे दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से बाल कैबिनेट की मीटिंग्स, कार्यकाल की अवधि, चयन प्रक्रिया और व्यवस्थाओं के संचालन के बारे में भी चर्चा की।
छात्राओं से आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से पूछा- 'किताब से कल तक' विषय का क्या अर्थ है। इस पर छात्रा कुमारी एकता राजौरिया ने बताया कि 'किताब से कल तक' का अर्थ यह है कि आज बच्चे जो कुछ पढ़ रहे हैं, उसका जीवन में क्या महत्व है। आज हम जो पढ़ रहे हैं, वहीं भविष्य को साकार बनाएगा।
प्र. छात्रा प्रिंसी वर्मा - माननीय क्या आप चैट-जीपीटी का प्रयोग करते हैं, यदि हां तो क्या सर्च करते हैं ?
उ. मुख्यमंत्री डॉ. यादव- मैं किसी कार्यक्रम के विषय पर वर्तमान परिदृश्य में क्या नई चीजें हैं, उन्हें सर्च करता हूं। जो हमें अपने भाषण में शामिल करना चाहिए। लेकिन चैट-जीपीटी हो या ग्रोक्स, जिसने भी एआई टूल्स हों, ये आखिरी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन स्वयं का दिमाग भी लगाएं और आंकड़ों को क्रॉस चेक जरूर करें।
प्र. छात्रा लारा खत्री- क्या आप इंस्टाग्राम यूज करते हैं और किसे फॉलो करते हैं
उ. मुख्यमंत्री डॉ. यादव- सोशल मीडिया के जमाने में हर राजनेता को वर्तमान जरूरतों के साथ चलना पड़ता है। इंस्टाग्राम भी हमें इस्तेमाल करना पड़ता है। मैं पीएम सर को फॉलो करता हूं।
प्र. छात्रा एकता राजौरिया- सिलेबस के साथ और कौन सी पुस्तकें पढ़ें, जो हमारे सामान्य ज्ञान को बढ़ाएं ?
उ. मुख्यमंत्री डॉ. यादव- पाठ्यक्रम की पढ़ाई के अलावा हमें अपने जीवन का लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। टारगेट से जुड़े विषयों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। ईश्वर ने हमें विशेष गुण दिया है कि जो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मैंने नौकरी नहीं की, खेती की और व्यवसाय किया। बेटी को डॉक्टर बनाया। आप भी अपने छोटे भाई-बहनों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
प्र. छात्रा आयोध्या- आपने डॉक्टरेट (पीएचडी) तक की पढ़ाई की और खेल विधा में पारंगत होने के लिए कैसे बैलेंस किया ?
उ. मुख्यमंत्री डॉ. यादव- विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए भी समय निकालें। अपनी दिनभर की दिनचर्या निर्धारित करें। इसमें खेलकूद के लिए भी टाइम दें। सोच-विचार के लिए थोड़ा खाली समय भी निकालें। मैं सीएम हाउस में रहते हुए भी नियमित स्वाध्याय करता हूं। डायरी लिखता हूं और आगे करने वाले कार्यों की लिस्ट बनाता हूं। पिछले कार्यों का मूल्यांकन भी करता हूं। जब मैं उज्जैन विकास प्राधिकरण का चेयरमैन बन गया, तब भी राजनीति शास्त्र में एमए किया। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी कर ली। मैंने पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रखते एमबीए भी किया। जीवन में पढ़ाई का दौर चलते रहना चाहिए। पढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि यह मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए। अध्ययन के लिए जीवन में अनुशासन की भी आवश्यकता होती है। लोगों के सामने अपने ज्ञान के प्रदर्शन का तरीका भी आपके व्यक्तित्व को निखारता है।

शिक्षकों से भी किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय परिसर में ही प्रदेशभर से आए शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली शिक्षान्मुखी होने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी भी होनी चाहिए। हमारे विद्यार्थी पढ़-लिखकर उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें, इन सभी कार्यों के लिए शिक्षक वृंद विद्यार्थियों को प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों से विज्ञान के रहस्यों और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यत पिंडे तत् ब्रह्मांडे, जैसा हमारा शरीर है, वैसा ही ब्रह्मांड है। व्यक्ति को प्रत्येक सांस के साथ जीवन मिलता है। हमारा पिंड हर पल बदलता है। उज्जैन में स्थित वेधशाला पर तो परछाई भी साथ छोड़ देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थी साल-दर-साल बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते जा रहे हैं। इससे हमारे सामने भविष्य की चुनौती तैयार हो रही है कि हम अपने सांदीपनि में कितने बच्चों को प्रवेश दे पाएंगे। इसलिए हमें दूसरे प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के बीच भी संवाद बनाए रखना होगा। इसके लिए सांदीपनि विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर संचालित करने पर विचार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान एक शिक्षिका ने बताया कि सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में कक्षाओं की शुरुआत आत्मीयता के साथ खुशनुमा माहौल में होती है। बच्चों का समूह बनाकर उनसे तरह-तरह की एक्टिविटीज कराई जाती है। शिक्षकों के प्रयास से सभी विद्यालयों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। स्कूल टीचर सुश्री शिवानी शर्मा ने वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप सांदीपनि विद्यालय के रूप में स्थापित होने के सफर की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को दिलवाया विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प
विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस, बालगंगाधर तिलक, भगत सिंह और महात्मा गांधी के त्याग और उनके सपनों का उल्लेख कर विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाँ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसे पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी युवा एवं विद्याथियों की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आप में से अधिकांश युवा होंगे। कोई इंजीनियर, कोई डॉक्टर, कोई किसान तो कोई अफसर या सैनिक होगा। उस समय इतिहास आपसे पूछेगा कि भारत को विकसित बनाने में अपका क्या योगदान है। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी - कल का भारत है।
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लेखक के बारे में
I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.
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