बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल किए जाएंगे 30 प्रशिक्षित कुत्ते

बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल किए जाएंगे 30 प्रशिक्षित कुत्ते

बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल किए जाएंगे 30 प्रशिक्षित कुत्ते
Modified Date: September 11, 2025 / 11:06 am IST
Published Date: September 11, 2025 11:06 am IST

पटना, 11 सितंबर (भाषा) बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में जल्द ही 30 प्रशिक्षित कुत्ते शामिल किए जाएंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

फिलहाल, इन कुत्तों को हैदराबाद के मोइनाबाद स्थित ‘इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी’ (आईआईटीए) में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

अतिरिक्त महानिदेशक (सीआईडी) प्रशांत ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया, ‘‘अगले दो-तीन महीनों में सभी 30 प्रशिक्षित कुत्तों को बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल कर लिया जाएगा।’’

एडीजी ने बताया कि वर्तमान में दस्ते में 67 कुत्ते हैं, जबकि 30 अतिरिक्त कुत्तों के शामिल होने से दस्ते में उनकी संख्या 97 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि श्वान दस्ते की स्वीकृत संख्या 200 है।

श्वान दस्ते के बढ़ते उपयोग को देखते हुए इसमें कुत्तों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब स्थित होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थान से 50 अतिरिक्त कुत्ते खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। एडीजी ने बताया कि दस्ते के लिए कुत्ते खरीदने की प्रक्रिया अगले दो-तीन महीनों में पूरी हो जाएगी।

एडीजी ने बताया कि दस्ते में वर्तमान में कार्यरत 67 कुत्तों में से 19 कुत्तों को विस्फोटकों की पहचान करने का प्रशिक्षण दिया गया है, 21 कुत्तों को पीछा करने का प्रशिक्षण दिया गया है, 21 कुत्तों को शराब की पहचान करने का प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि छह कुत्ते मादक और मन:प्रभावी पदार्थों का पता लगा सकते हैं।

दस्ते में विभिन्न नस्लों के कुत्ते शामिल हैं, जिनमें 55 लैब्राडोर, छह बेल्जियन मालिनोइस, चार जर्मन शेफर्ड और दो गोल्डन रिट्रीवर शामिल हैं। इन कुत्तों को विभिन्न पुलिस रेंज मुख्यालयों में तैनात किया गया है।

एडीजी ने बताया कि इन कुत्तों का इस्तेमाल विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच, मादक पदार्थों की पहचान करने के अलावा वीवीआईपी कार्यक्रमों के लिए मौके पर निरीक्षण करने में किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन कुत्तों का इस्तेमाल अवैध शराब की खेप का पता लगाने और उसे जब्त करने में भी किया जा रहा है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में