बिहार में बाढ़ से 44 लोगों की मौत, सरकार वास्तविक आंकड़े छिपा रही है:भाकपा(माले)
बिहार में बाढ़ से 44 लोगों की मौत, सरकार वास्तविक आंकड़े छिपा रही है:भाकपा(माले)
पटना, 16 सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा-माले) ने बुधवार को दावा किया कि भोजपुर, भागलपुर और पुनपुन क्षेत्र में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 44 लोगों की मौत हुई है तथा बिहार सरकार वास्तविक मृतकों की संख्या छिपा रही है।
भाकपा (माले) लिबरेशन के आरा से लोकसभा सदस्य सुदामा प्रसाद ने 18 और 19 सितंबर को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए बाढ़ से हुई मौतों का वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक करने, राहत कार्य तेज करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि बाढ़ से 15 जिलों में लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, पानी घरों में घुस गया है, हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “सरकार प्रभावित लोगों की संख्या तो नियमित रूप से जारी कर रही है, लेकिन बाढ़ से हुई मौतों के संबंध में पर्याप्त और पारदर्शी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।”
प्रसाद ने कहा कि भोजपुर में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 24 लोगों की मौत हुई है जबकि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि भागलपुर में पार्टी ने 10 मौतों की जानकारी जुटाई है, जबकि पटना जिले के पुनपुन प्रखंड से भी 10 मौतों की सूचना मिली है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल भोजन, पेयजल, दवाइयां, पशुओं के लिए चारा, नाव और सुरक्षित आश्रय की जरूरत है, लेकिन कई प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यकता के अनुरूप राहत नहीं पहुंच रही है।
भाकपा (माले) नेता ने राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताओं का भी आरोप लगाया और कहा कि कई इलाकों से “लूट” की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने कहा, “इतनी गंभीर आपदा के दौरान सरकार और प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर अनेक लोग अब भी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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