छठ महापर्व की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी 28 सितंबर से दिल्ली में

छठ महापर्व की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी 28 सितंबर से दिल्ली में

छठ महापर्व की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी 28 सितंबर से दिल्ली में
Modified Date: September 22, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: September 22, 2026 9:28 pm IST

पटना, 22 सितंबर (भाषा) बिहार की लोक कलाओं और छठ महापर्व की सांस्कृतिक परंपराओं पर केंद्रित ‘अर्घ्य’ नामक चार दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन 28 सितंबर से एक अक्टूबर तक नयी दिल्ली स्थित भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) मुख्यालय में किया जाएगा।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की पहल को बल देना है।

इंटैक बिहार के राज्य संयोजक भैरव लाल दास ने मंगलवार को बताया कि प्रदर्शनी का उद्घाटन 28 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे। उद्घाटन समारोह में इंटैक के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, सदस्य सचिव रविंद्र सिंह और क्राफ्ट डिवीजन की प्रमुख बिंदु वंदना मनचंदा भी मौजूद रहेंगी।

प्रदर्शनी की क्यूरेटर मिथिला चित्रकला विशेषज्ञ मनीषा झा और अलका दास ने बताया कि 30 सितंबर को अपराह्न दो बजे छठ महापर्व की ऐतिहासिकता पर एक विद्वत संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें कैलाश कुमार मिश्र, दक्षेस विश्वविद्यालय के प्रो. देवनाथ पाठक, पर्यावरणविद प्रो. विद्यानाथ झा, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. राधा माधव भारद्वाज, रिपुंजय ठाकुर और डॉ. मनोज कुमार अंबष्ठ सहित कई विद्वान भाग लेंगे।

इंटैक बिहार के सह-संयोजक डॉ. शिव कुमार मिश्र ने बताया कि प्रदर्शनी में बिहार के 35 से अधिक लोक कलाकारों की छठ और सूर्योपासना पर आधारित कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

इन रचनाओं के माध्यम से छठ से जुड़े प्रतीकों, रीति-रिवाजों और लोक मान्यताओं को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही यह भी दिखाया जाएगा कि लोक कलाएं किस प्रकार इस सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रखती हैं।

क्यूरेटरों के अनुसार, ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी की विशेषता यह होगी कि दर्शक केवल तैयार कलाकृतियां ही नहीं देख सकेंगे, बल्कि कलाकारों को सृजन करते हुए भी देख पाएंगे। उन्हें कलाकारों से संवाद करने, उनकी कार्य-प्रक्रिया को समझने और कला, परंपरा तथा समुदाय के जीवंत संबंधों का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी 28 सितंबर से एक अक्टूबर तक इंटैक मुख्यालय, 71 लोधी एस्टेट, के.के. बिड़ला लेन, नयी दिल्ली में प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम छह बजे तक दर्शकों के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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