जमुई की घटना भयावह और वीभत्स, कानून का डर खत्म: प्रशांत किशोर

जमुई की घटना भयावह और वीभत्स, कानून का डर खत्म: प्रशांत किशोर

जमुई की घटना भयावह और वीभत्स, कानून का डर खत्म: प्रशांत किशोर
Modified Date: September 22, 2026 / 05:51 pm IST
Published Date: September 22, 2026 5:51 pm IST

पटना, 22 सितंबर (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने जमुई में लड़के व लड़की से कथित बदसलूकी की घटना की मंगलवार को निंदा करते हुए इसे ‘‘भयावह’’ और ‘‘वीभत्स’’ करार दिया।

किशोर ने आरोप लगाया कि इस घटना ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के बिहार में कथित ‘‘जंगलराज’’ समाप्त करने के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जमुई की घटना को व्यक्त करने के लिए ‘वीभत्स’ और ‘भयावह’ दो ही शब्द हैं। भाजपा नीत सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है। राज्य में कानून का कोई भय नहीं रह गया है।’’

किशोर ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी पिछले 20 साल से लोगों के मन में यह डर उत्पन्न कर सत्ता में बने रहे कि अगर वे चुनाव हार गए तो बिहार में फिर जंगलराज लौट आएगा।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने उसी सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया, जिन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत राजद से की थी। उनके सत्ता संभालने के बाद से ही राज्य में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।’’

जन सुराज प्रमुख ने उन राजग नेताओं की भी आलोचना की, जिन्होंने जमुई की घटना को ‘‘छिटपुट’’ बताकर उसकी गंभीरता कम करने की कोशिश की।

उन्होंने कुछ महीने पहले यौन उत्पीड़न के बाद नीट की एक अभ्यर्थी की मौत और पटना के एक होटल में पिता के सामने युवती से छेड़छाड़ की घटना का भी जिक्र किया।

किशोर ने जमुई मामले में पुलिस मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपियों के घायल होने की घटना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का राज ‘‘एनकाउंटर राज’’ नहीं होता।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पटना, भोजपुर और मधुबनी जैसे स्थानों पर हाल के चर्चित मुठभेड़ों का भी विरोध किया है। कानून का शासन न्यायिक प्रक्रिया से चलता है, मुठभेड़ों से नहीं।’’

जन सुराज पार्टी के प्रमुख ने आशंका जताई कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के नाबालिग होने के कारण वे बच सकते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 1990 के दशक में हत्या के एक मामले में उन्होंने (चौधरी ने) अदालत में कथित रूप से फर्जी आयु प्रमाणपत्र देकर राहत प्राप्त की थी।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए किशोर ने कहा, ‘‘जब तेजस्वी यादव अपराध पर चिंता जताते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बाघ शाकाहार के गुण बता रहा हो। बिहार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वोट मांगने के लिए लगातार जंगलराज का जिक्र करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को अब अपने बच्चों के भविष्य के लिए काम करने वालों को वोट देना चाहिए।

किशोर ने आरोप लगाया कि हाल की भीषण बाढ़ के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने बिहार की पर्याप्त चिंता नहीं की जबकि यही आपदा गुजरात में आती तो वे तुरंत सक्रिय हो जाते।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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