बिहार हरित हाइड्रोजन नीति के प्रारूप को मंजूरी, 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति के प्रारूप को मंजूरी, 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
पटना, 30 सितंबर (भाषा) बिहार सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से ‘बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी। इस नीति के लागू होने के बाद राज्य में करीब 16,000 करोड़ रुपये का निवेश आने और लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 30 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि नीति के माध्यम से राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, इस क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक कुल ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में बिहार में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए हरित हाइड्रोजन क्षेत्र को विकसित किया जाएगा।
चौधरी के अनुसार, राज्य में हरित हाइड्रोजन के उपयोग और इससे संबंधित परियोजनाओं के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में करीब 10 लाख टन की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रिमंडल ने कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे का प्रशिक्षण देने को भी मंजूरी दी। इसमें रोजगारपरक कौशल के साथ ‘ऑन-द-जॉब’ प्रशिक्षण शामिल होंगे। कार्यक्रम में युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाले घटक को प्राथमिकता दी गई है।
राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडर को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इसके तहत कुल 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
योजना के लिए सरकार 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से कुल 2,714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी।
योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 47.30 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। इस प्रकार योजना के लिए कुल 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है।
राज्य मंत्रिमंडल ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखा राशन के स्थान पर रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद (आरबीएफएफपी) उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है।
बिहार सरकार ने राज्य में क्षेत्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत हवाई अड्डों पर विमान ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (वैट) को एक प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से क्षेत्रीय उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भाषा कैलाश शफीक
शफीक
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Web Title: बिहार हरित हाइड्रोजन नीति के प्रारूप को मंजूरी, 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
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