बिहार मंत्रिमंडल ने 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी, गाद प्रबंधन नीति को स्वीकृति

बिहार मंत्रिमंडल ने 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी, गाद प्रबंधन नीति को स्वीकृति

बिहार मंत्रिमंडल ने 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी, गाद प्रबंधन नीति को स्वीकृति
Modified Date: September 15, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: September 15, 2026 6:01 pm IST

पटना, 15 सितंबर (भाषा) बिहार मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गया जी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना और जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 समेत 17 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा, जिसके लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत मंदिर परिसर का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट, डोरमेट्री, कैंटीन, पैदल पुल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

चौधरी ने बताया कि सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और इसके तहत सोन नदी का पानी उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत मोरहर नदी पर करीब 10 मिलियन घन मीटर क्षमता का कृत्रिम जलाशय भी बनाया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा और औसत वर्षापात में कमी को देखते हुए सरकार ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी।

नीति के तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जलधारण और जलवहन क्षमता बहाल की जाएगी।

उन्होंने बताया कि निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और भवन निर्माण कार्यों में भराई के लिए किया जाएगा, जिससे उपजाऊ मिट्टी के उपयोग में कमी आएगी।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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