बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया

बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया

बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया
Modified Date: March 9, 2026 / 09:11 pm IST
Published Date: March 9, 2026 9:11 pm IST

पटना, नौ मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना जिले में जयप्रकाश (जेपी) गंगा पथ के अंतर्गत पटना साहिब रेलवे स्टेशन से पटना घाट तक निर्माणाधीन संपर्क पथ का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

उल्लेखनीय है कि पटना साहिब रेलवे स्टेशन से शुरू होकर जेपी गंगा पथ के पटना घाट तक संपर्क पथ का निर्माण किया जा रहा है। गंगा के दक्षिणी किनारे के साथ-साथ बनाए गए जेपी गंगा पथ को स्थानीय लोग ‘मरीन ड्राइव’ के नाम से भी जानते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संपर्क पथ इस क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके बन जाने से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी, जाम से राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपर्क पथ का निर्माण कार्य समय पर पूरा कराया जाए।

इस संपर्क पथ के निर्माण से अशोक राजपथ और मारुफगंज मंडी क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही पटना साहिब रेलवे स्टेशन पर आरओबी के माध्यम से जेपी गंगा पथ को नए राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से भी संपर्कता मिलेगी। प्रस्तावित संपर्क पथ दलहट्टा, चरखीपर सहित आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर संपर्कता प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री कंगन घाट पहुंचे, जहां उन्होंने भद्रघाट-दीदारगंज पथ के चार लेन में चौड़ीकरण के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

इस सड़क के बन जाने से भद्रघाट से दमराही घाट के बीच स्थित दो लेन पथ के कारण अशोक राजपथ पर पड़ने वाला वाहनों का दबाव कम हुआ है और पटना सिटी के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिली है। भद्रघाट से दीदारगंज तक चार लेन सड़क बनने के बाद अशोक राजपथ पर वाहनों का दबाव और कम होगा तथा लोगों को जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी।

इसके साथ ही छठ महापर्व तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक अवसरों पर गंगा नदी तक जाने में लोगों को काफी सहूलियत होगी।

भाषा

कैलाश रवि कांत


लेखक के बारे में