बिहार: नीतीश ने ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान 816 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धघाटन व शिलान्यास किया

बिहार: नीतीश ने ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान 816 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धघाटन व शिलान्यास किया

बिहार: नीतीश ने ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान 816 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धघाटन व शिलान्यास किया
Modified Date: March 13, 2026 / 11:33 pm IST
Published Date: March 13, 2026 11:33 pm IST

सहरसा/खगड़िया, 13 मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सहरसा और खगड़िया जिलों में लगभग 816 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों में जारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सहरसा जिले में 512 करोड़ रुपये की लागत से 125 से अधिक परियोजनाओं की शुरुआत की गई।

बयान में बताया गया कि इनमें 286 करोड़ रुपये की लागत वाली 70 योजनाओं का उद्घाटन व करीब 90 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इसके अतिरिक्त 136 करोड़ रुपये की 35 योजनाओं का भी कार्यारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने सहरसा जिले के शाहपुर स्थित वार्ड संख्या सात में बने ‘शाहपुर जीविका सिलाई-सह-उत्पादन केंद्र’ का उद्घाटन भी किया।

उन्होंने उद्घाटन के बाद जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ‘जीविका दीदी सिलाई घर’ की चाबियां सौंपी और केंद्र का निरीक्षण किया।

बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अधीन स्वायत्त संस्था बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) के माध्यम से विश्व बैंक समर्थित बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना का संचालन किया जा रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘जीविका’ के नाम से जाना जाता है।

इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण करना है।

इससे जुड़ी महिलाओं को ‘जीविका दीदी’ कहा जाता है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सहरसा जिले के बंगाली बाजार रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इसके बाद खगड़िया जिले में 304 करोड़ रुपये की लागत वाली 319 विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन व शिलान्यास किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी सहित राज्य प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में