बिहार: संकट प्रबंधन समूह की हुई पहली बैठक, पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश

बिहार: संकट प्रबंधन समूह की हुई पहली बैठक, पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश

बिहार: संकट प्रबंधन समूह की हुई पहली बैठक, पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश
Modified Date: March 30, 2026 / 11:00 pm IST
Published Date: March 30, 2026 11:00 pm IST

पटना, 30 मार्च (भाषा) बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य के संकट प्रबंधन समूह (सीएमजी) की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य सरकार ने बीते शनिवार को उच्च स्तरीय समूह का गठन किया था, जिसका उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर रखना, प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और संघर्ष के संभावित प्रभावों के प्रति राज्य की प्रतिक्रिया का समन्वय करना है।

कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्य सचिव ने 14 जिलों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराने की धीमी प्रगति पर चिंता जताई।

उन्होंने जिला अधिकारियों को नोडल विभाग खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण के साथ समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करने और कार्य में तेजी लाने के लिए पर्याप्त जनशक्ति, मशीनरी व ठेकेदारों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि 3.68 लाख घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले 2.30 लाख से अधिक घर कनेक्शन के लिए तैयार हैं।

मुख्य सचिव ने जिला पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एलपीजी आपूर्ति में लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने तथा ईंधन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया।

उन्होंने कहा कि ‘दीदी की रसोई’ और सरकारी छात्रावासों जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

अमृत ने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति दोहराते हुए उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

श्रम संसाधन विभाग को अन्य राज्यों या विदेश से लौट रहे श्रमिकों को जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी करने को कहा गया है।

बयान के मुताबिक, जिला प्रशासन को आने वाले प्रवासियों का समग्र डाटाबेस भी तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को अगले दो दिनों में क्षेत्रीय दौरा कर एलपीजी भंडार की स्थिति, लंबित मामलों के निपटारे, नियंत्रण कक्षों के संचालन, प्रेस वार्ता और प्रवासियों के आगमन की स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि स्थिति की निरंतर निगरानी के लिए समूह की बैठक प्रत्येक सोमवार को आयोजित की जाए।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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