बिहार में सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर सरकार ने लगाई पाबंदी

बिहार में सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर सरकार ने लगाई पाबंदी

बिहार में सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर सरकार ने लगाई पाबंदी
Modified Date: April 11, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: April 11, 2026 9:24 pm IST

पटना, 11 अप्रैल (भाषा) बिहार सरकार ने शनिवार को सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय राज्य के प्रमुख कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ (2025-30) के तहत लिया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि “सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन” संकल्प के तहत राज्य सरकार ने सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का फैसला किया है।

विभाग ने यह भी बताया कि सरकारी चिकित्सकों के लिए गैर-प्रैक्टिस भत्ता (एनपीए) के माध्यम से मुआवजे से संबंधित अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जो सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी पर निर्भर होंगे।

यह प्रावधान राज्य के सभी सरकारी चिकित्सकों और सरकारी अस्पतालों के संकाय सदस्यों पर लागू होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही संकेत दिया था कि ऐसी नीति जल्द लाई जाएगी।

जनवरी में पश्चिम चंपारण जिले में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नयी नीति लाएगी।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में