Asha Bhosle Cardiac Arrest: सिंगर आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट, आनन-फानन में मुंबई के इस अस्पताल किया गया भर्ती

आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती, Asha Bhosle suffered a cardiac arrest

Asha Bhosle Cardiac Arrest: सिंगर आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट, आनन-फानन में मुंबई के इस अस्पताल किया गया भर्ती
Modified Date: April 12, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: April 11, 2026 9:13 pm IST

मुंबईः Asha Bhosle Cardiac Arrest: फिल्मी दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली दिग्गज सिंगर आशा भोसले को लेकर हैरान करने वाली खबर सामने आई है। उन्हें हार्ट अटैक आया है, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनका इमरजेंसी मेडिकल सर्विस यूनिट में ट्रीटमेंट चल रहा है। हालांकि उनके हेल्थ को लेकर ताजा अपडेट नहीं आया है। इस खबर के आने के बाद से सिंगर के फैंस और करीबियों के बीच टेंशन शुरू हो गई है। दुआ की जा रही हैं कि आशा ताई जल्द ठीक हो जाएं।

लेजेंड हैं आशा भोसले

आशा भोसले बॉलीवुड के लेजेंडरी सिंगर्स में से एक हैं। उन्होंने अपनी आवाज का जादू बॉलीवुड फिल्मों में 1950 के दशक में चलाया था। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर 40 और 50 के दशक की बड़ी गायिका थीं। मंगेशकर परिवार से आईं आशा भी अपनी बहन की ही तरह सुरीली आवाज वाली थीं। हालांकि उन्होंने बड़ी फिल्मों में अपनी आवाज देने से पहले कई लो बजट फिल्मों में गाना गाकर पहचान पाई। 1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ में उन्होंने गाने गाए थे। म्यूजिक कम्पोजर सज्जाद हुसैन की इस एल्बम ने आशा को फेम दिलाया। उस जमाने के जाने माने डायरेक्टर बिमल रॉय ने 1953 में आई फिल्म परिणीता में आशा भोसले को साइन किया था। इसके बाद राज कपूर ने उनकी अपनी 1954 की फिल्म ‘बूट पोलिश’ में काम दिया। लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर ओ पी नय्यर के साथ आशा ने 1952 से लेकर 1956 तक कई गानों पर काम किया था। मगर 1957 में आई बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ के साथ आशा भोसले ने सफलता का असली स्वाद चखा। इस फिल्म के गाने भी नय्यर ने ही कम्पोज किए थे। मोहम्मद रफी के साथ आशा भोसले की जोड़ी उस जमाने में सुपरहिट थी। दोनों ने मिलकर ‘मांग के साथ तुम्हारा’, ‘साथी हाथ बढ़ाना’ और ‘उड़ें जब जब जुल्फें तेरी’ को गाया था। साहिर लुधियानवी के बोल और रफी संग आशा की आवाज का जादू सभी के सिर चढ़कर बोलता था। उन्होंने 60 के दशक की फिल्म ‘गुमराह’, ‘हमराज’, ‘आदमी और इंसान’ संग कई और में अपनी आवाज दी। 1966 में उन्होंने आर डी बर्मन के साथ फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के लिए गाने गाए थे, जिन्हें खूब सराहा गया।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।