बिहार में सरकारी कर्मचारियों की अवकाश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, ऑफलाइन आवेदन बंद

बिहार में सरकारी कर्मचारियों की अवकाश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, ऑफलाइन आवेदन बंद

बिहार में सरकारी कर्मचारियों की अवकाश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, ऑफलाइन आवेदन बंद
Modified Date: July 1, 2026 / 01:25 pm IST
Published Date: July 1, 2026 1:25 pm IST

पटना, एक जुलाई (भाषा) बिहार सरकार ने बुधवार से राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अवकाश लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी जानकारी दी ।

सामान्य प्रशासन विभाग के नए निर्देश के तहत अब किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राज्यकर्मी केवल मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था (एचएमआरएस) पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही अवकाश के लिए आवेदन कर सकेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को एचएमआरएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद अवकाश के लिए आवेदन मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित सक्षम अधिकारी भी इसी डिजिटल मंच पर आवेदन की जांच कर ऑनलाइन स्वीकृति अथवा अस्वीकृति दर्ज करेंगे।

विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य अवकाश प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और रिकॉर्ड-आधारित बनाना है, ताकि आवेदन से लेकर उसके निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित हो सके।

इसमें कहा गया है कि नयी व्यवस्था लागू होने के बाद आकस्मिक अवकाश (सीएल), अर्जित अवकाश (ईएल) सहित सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए एक समान ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अब किसी भी कार्यालय में कागजी आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।

सरकार का कहना है कि नयी प्रणाली के तहत कर्मचारी अपने अवकाश आवेदन की स्थिति कभी भी ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे उन्हें आवेदन की प्रगति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

विभाग के अनुसार ऑनलाइन व्यवस्था से प्रत्येक कर्मचारी की छुट्टियों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे यह जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी कि किसी कर्मचारी ने कितनी छुट्टियां ली हैं, कौन-सा आवेदन लंबित है और किस स्तर पर उसका निस्तारण होना शेष है। इससे मानव संसाधन प्रबंधन भी अधिक प्रभावी होगा।

विभाग ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से भविष्य में अवकाश संबंधी सूचनाएं जुटाना आसान होगा। कागजी अभिलेखों पर निर्भरता कम होगी तथा डेटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा, जिससे प्रशासनिक निगरानी और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी सरल होगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक जुलाई से लागू इस व्यवस्था का पालन सभी विभागों, कार्यालयों और राज्यकर्मियों के लिए अनिवार्य होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को शीघ्र एचएमआरएस ऐप पर पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। भविष्य में अवकाश से संबंधित सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

भाषा कैलाश पवनेश रंजन

रंजन


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