Vande Bharat: ‘दान चोरी’ पर रार, सियासत धुआंधार! चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का मार्च, जांच पर क्यों मचा है घमासान?
Ram Mandir Donation Chori Case: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले ने अब सियासत की आग को और भड़का दिया है।
Ram Mandir Donation Chori Case/ Image Source : FILE
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब सियासत की आग को और भड़का दिया है।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग कर रोकने पर काफी हंगामा हुआ।
- कांग्रेसियों को नजरबंद करने पर सियासत भी खूब हुई।
Ram Mandir Donation Chori Case: नई दिल्ली: अयोध्या की सड़कों पर कांग्रेस का प्रदर्शन पुलिस की घेराबंदी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले ने अब सियासत की आग को और भड़का दिया है। कांग्रेस नेताओं का दावा था कि वे रामलला के दर्शन कर ट्रस्ट कार्यालय तक मार्च करेंगे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गेस्ट हाउस में रोक दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग कर रोकने पर काफी हंगामा हुआ। जिसके बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
कांग्रेसियों को नजरबंद करने पर सियासत भी खूब हुई। बसपा सुप्रीमो प्रमुख मायावती ने घटना को निंदनीय बताया और मुद्दे पर राजनीति से बचने की नसीहत दी, तो सपा ने कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। जबकि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार पर सवाल खड़े किए। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को आईना दिखाया।
उधर जांच के मोर्चे पर भी लगातार बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने करीब 3 महीने पहले ही दान राशि की गिनती करने वाले आउटसोर्सिंग स्टाफ पर सवाल उठाते हुए उन्हें बदलने की सिफारिश की थी, लेकिन ट्रस्ट के हस्तक्षेप के बाद बदलाव नहीं हो सका। अब SIT बैंक और ट्रस्ट के बीच हुए समझौते यानी MoU के पालन की भी जांच कर रही है। (Ram Mandir Donation Chori Case) इसी कड़ी में पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे पूछताछ की गई। इसी बीच राम मंदिर के CCTV सिस्टम की निगरानी संभाल रहे रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव का 17 साल बाद तबादला भी चर्चा का विषय बन गया है..जांच एजेंसियां उनकी भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
Ram Mandir Donation Chori Case: चढ़ावा चोरी मामले में करीब 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जा चुके हैं। ऐसे में 6 जुलाई को होने वाली राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले अयोध्या में जांच और सियासत दोनों अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही हैं। अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट और ट्रस्ट की आगामी बैठक पर टिकी है।
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