बिहार: ट्रेन में सोने की लूट की जांच कर रहा जीआरपी अधिकारी ही निकला आरोपी, गिरफ्तार
बिहार: ट्रेन में सोने की लूट की जांच कर रहा जीआरपी अधिकारी ही निकला आरोपी, गिरफ्तार
पटना, दो जनवरी (भाषा) बिहार में नवंबर में ट्रेन यात्री से 1.44 करोड़ रुपए मूल्य के सोने की लूट की जांच कर रहे एक राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अधिकारी को इस वारदात में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार गया जीआरपी थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह को बुधवार को सोने की लूट मामले में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोलकाता स्थित एक स्वर्ण कारोबारी के कर्मचारी धनंजय शाश्वत ने गया रेल थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवंबर में जब वह हावड़ा–बीकानेर एक्सप्रेस के 3-एसी कोच में यात्रा कर रहा था, तब उससे एक किलोग्राम सोना लूट लिया गया।
शिकायत के अनुसार, शाश्वत ने बताया कि गया स्टेशन पर पुलिस वर्दी में चार लोग ट्रेन में सवार हुए। इनमें से दो उसके पास बैठ गए और सोने की खेप के बारे में पूछताछ करने लगे। बाद में वे सोने के बिस्कुट लेकर फरार हो गए।
शाश्वत जयपुर में एक कारोबारी को सोने के बिस्कुट सौंपने जा रहा था।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पटना रेलवे पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया, जिससे गया जीआरपी थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह और अन्य कर्मियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ।
पटना जीआरपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, “अब इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए व्यापक जांच शुरू की गई है।”
हालांकि, अधिकारी ने सिंह की कथित भूमिका के विवरण साझा करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने अन्य फरार आरोपियों—करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजनजय कुमार, आनंद मोहन, परवेज आलम और सीताराम—की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलिस लूटे गए सोने का पता लगाने का प्रयास कर रही है और शाश्वत के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
भाषा कैलाश मनीषा रंजन
रंजन

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