पटना, 29 मई (भाषा) बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को लंबित करीब 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, मंत्री के निर्देश पर विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों (समाहर्त्ताओं) को पत्र जारी करके लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है।
बयान में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन जांच पड़ताल स्तर पर लंबित हो गए हैं। बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत ‘जीवन सुगमता’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का शीघ्र निष्पादन आवश्यक माना गया है।
जायसवाल ने निर्देश दिया है कि आम लोगों को मामूली तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की जांच सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी और मामूली अथवा तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा। इसके अनुसार सभी लंबित आवेदनों का त्रुटि जांच अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बयान के अनुसार, विभाग ने एक नया प्रावधान भी लागू किया है, जिसके तहत यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण चिह्नित करता है तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा उस त्रुटि की अनिवार्य जांच की जाएगी। बयान के अनुसार, यदि त्रुटि अनुचित पाई जाती है तो आवेदन सीधे आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित कर्मचारी को पुनः भेजा जाएगा ताकि आवेदन स्वीकार करके आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने तथा इसकी दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
भाषा कैलाश मनीषा अमित
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