Ramachandra Gowda Passes Away: वरिष्ठ भाजपा नेता का हुआ निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई दिग्गजों ने जताया शोक

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Ramachandra Gowda Passes Away: वरिष्ठ भाजपा नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री रामचंद्र गौड़ा का निधन हो गया है।

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 04:18 PM IST

Ramachandra Gowda Passes Away/Image Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • वरिष्ठ भाजपा नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन हो गया है।
  • गौड़ा 88 वर्ष के थे और उन्होंने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने रामचंद्र गौड़ा के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

Ramachandra Gowda Passes Away: बेंगलुरु: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण निधन हो गया। गौड़ा 88 वर्ष के थे।  भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि रामचंद्र गौड़ा के निधन की खबर से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मार्गदर्शकों और पूर्व मंत्रियों को गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। वह एक कुशल और बुद्धिमान नेता थे और उन्होंने लगभग तीन दशकों तक बैंगलोर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का कुशलतापूर्वक प्रतिनिधित्व करते हुए एक आदर्श विधायक के तौर पर काम किया।

भाजपा अध्यक्ष ने जताया शोक

बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के तौर पर अपना सार्वजनिक जीवन शुरू करने और जनसंघ के समय से ही पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा के लिए पूरी निष्ठा से काम करने वाले रामचंद्र गौड़ा के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।’’ (Ramachandra Gowda Passes Away) विजयेंद्र ने भाजपा नेता की लंबी और समर्पित सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे बैंगलोर निगम के पार्षद के तौर पर हो या विधान परिषद के सदस्य के रूप में अथवा मंत्री के रूप में, उन्होंने आम लोगों की आवाज बनकर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।

Ramachandra Gowda Passes Away: विजयेंद्र ने कहा कि गौड़ा ने राज्य में जमीनी स्तर से पार्टी को संगठित और मजबूत करने में जो अहम भूमिका निभाई और जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विजयेंद्र ने याद किया कि गौड़ा उनके पिता बी.एस. येदियुरप्पा के करीबी सहयोगी थे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानने का सौभाग्य मिला था।

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