Gyanvapi Mosque Dispute Case: ज्ञानवापी मस्जिद पर समझौते का रास्ता बंद! मध्यस्थता बैठक में 20 मिनट भी नहीं रूक सके हिंदू-मुस्लिम पक्ष, अब अदालत से ही होगा फैसला

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ज्ञानवापी मस्जिद पर समझौते का रास्ता बंद! मध्यस्थता बैठक में 20 मिनट भी नहीं रूक सके हिंदू-मुस्लिम पक्ष, Gyanvapi Mosque Dispute Case Settlement Meeting

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 04:26 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 04:36 PM IST

Gyanvapi Mosque Dispute Case. Image Source- IBC24 Archive

वाराणसी। Gyanvapi Mosque Dispute Case काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की पहल फिलहाल सफल नहीं हो सकी। मंगलवार को वाराणसी कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष लोक अदालत के तहत आयोजित मध्यस्थता बैठक करीब 20 मिनट में ही समाप्त हो गई। दोनों पक्ष अपने-अपने पुराने रुख पर अड़े रहे और किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि विवाद का समाधान अब मध्यस्थता से नहीं, बल्कि अदालत के अंतिम निर्णय से ही संभव है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय न्यायिक समिति के समक्ष हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वादी एवं अधिवक्ताओं ने अपने-अपने दावे रखे। समिति में अपर जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तथा एक विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शामिल थे। बैठक के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से महिला वादी रेखा पाठक एवं उनके अधिवक्ता ने दावा किया कि ज्ञानवापी प्राचीन काल से भगवान आदि विश्वेश्वर का क्षेत्र रहा है। उन्होंने मुस्लिम पक्ष से परिसर पर कब्जे के लिए क्षमा मांगते हुए इसे छोड़ने की अपील की।

वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति के अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में यह स्थल ज्ञानवापी मस्जिद के रूप में दर्ज है और उस पर मुस्लिम समुदाय का वैध अधिकार है। उनका कहना था कि हिंदू पक्ष अनावश्यक रूप से विवाद उत्पन्न कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है तथा न्यायिक प्रक्रिया दस्तावेजों और कानून के आधार पर चलती है। मध्यस्थता प्रक्रिया में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं सहित 30 से अधिक लोग शामिल हुए। सुनवाई की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त तीन अधिवक्ताओं का पैनल भी मौजूद रहा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

सुप्रीम कोर्ट की पहल (Gyanvapi Mosque Dispute Case)

ज्ञानवापी विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना तलाशने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने मामले का तत्काल फैसला सुनाने के बजाय विशेष लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों को बातचीत का अवसर देने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में 14 जुलाई को मध्यस्थता बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन प्रारंभिक दौर की बातचीत में ही सहमति नहीं बन सकी।

42 मामलों पर विभिन्न अदालतों में सुनवाई

ज्ञानवापी, श्रृंगार गौरी और आदि विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े कुल 42 मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इनमें वाराणसी की विभिन्न अदालतों में 36 मुकदमे विचाराधीन हैं, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में छह मामलों की सुनवाई चल रही है। सबसे महत्वपूर्ण मामलों में जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी प्रकरण शामिल है, जिसमें बंद तहखाने सहित पूरे परिसर के सर्वेक्षण की मांग की गई है। वहीं वर्ष 1991 से लंबित एक अन्य वाद में आदि विश्वेश्वर के दर्शन-पूजन के अधिकार और भव्य मंदिर निर्माण की मांग की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट संबंधित निचली अदालत को सभी पक्षों की सुनवाई कर शीघ्र निर्णय करने का निर्देश दे चुका है।

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