बिहार : भाई की मौत को लेकर रौशन आनंद ने खान सर पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार : भाई की मौत को लेकर रौशन आनंद ने खान सर पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार : भाई की मौत को लेकर रौशन आनंद ने खान सर पर लगाए गंभीर आरोप
Modified Date: June 15, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: June 15, 2026 6:40 pm IST

पटना, 15 जून (भाषा) खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक फैसल खान उर्फ ‘खान सर’ पर उनके प्रतिद्वंद्वी शिक्षक रौशन आनंद ने सोमवार को अपने भाई प्रिंस यादव की कथित हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया।

प्रिंस यादव की हाल ही में नेपाल के विराटनगर में मौत हो गई थी।

रौशन आनंद ने यह आरोप उस समय लगाया, जब वह इसी महीने खान सर के एक कोचिंग सेंटर में हुई तोड़फोड़ के मामले में अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए।

पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आनंद ने कहा, ‘‘पटना पुलिस ने खान सर की झूठी शिकायत के आधार पर मुझे गिरफ्तार किया था। जब मैं जेल में था, तब मेरे भाई की हत्या करवा दी गई। मुझे प्रिंस के लिए न्याय चाहिए।’’

हालांकि, प्रिंस यादव की मौत को लेकर बिहार पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस बीच, मामले को लेकर मीडिया में परस्पर विरोधी खबरें सामने आई हैं।

कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया गया है कि खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले के मामले में गिरफ्तारी के डर से प्रिंस यादव नेपाल चला गया था और बाद में विराटनगर के एक होटल में उसका शव मिला।

वहीं, अन्य रिपोर्टों के अनुसार तीन जून को पटना में खान सर के सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई कथित जवाबी गोलीबारी में प्रिंस यादव घायल हो गया था। बाद में उसके परिचित लोग उसे किसी संभावित हमले की आशंका के चलते 300 किलोमीटर से अधिक दूर विराटनगर ले गए, जहां एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

उधर, अपने एक घायल सुरक्षाकर्मी के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को खारिज कर दिया।

खान सर ने कहा, ‘‘प्रिंस यादव की मौत की खबर से मैं दुखी हूं। मैं उनके भाई रौशन आनंद के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, हालांकि वे मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं।’’

इसके बावजूद रौशन आनंद ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए खान सर का ‘नार्को टेस्ट’ कराने की मांग की।

दोनों शिक्षकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर उस समय भी जारी रहा, जब आनंद को जमानत देने वाली अदालत ने दोनों पक्षों को ‘‘स्वस्थ प्रतिस्पर्धा’’ बनाए रखने की नसीहत दी।

आनंद की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने हमारे इस तर्क को स्वीकार करते हुए मेरे मुवक्किल को जमानत दी कि वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दोनों पक्ष शिक्षक हैं और उन्हें अपने पेशे की गरिमा के अनुरूप आचरण करना चाहिए। उनका व्यवहार अपराधियों जैसा नहीं होना चाहिए।’’

भाषा

कैलाश रवि कांत


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