बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर दिया जाना चाहिए : तेजस्वी यादव

बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर दिया जाना चाहिए : तेजस्वी यादव

बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर दिया जाना चाहिए : तेजस्वी यादव
Modified Date: May 1, 2026 / 12:34 pm IST
Published Date: May 1, 2026 12:34 pm IST

पटना, एक मई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम लिए बिना ही कहा कि नाम बदलने के विशेषज्ञ भाजपाइयों, खासकर बिहार के ‘‘नए-नवेले मुख्यमंत्री’’, को श्रमिक दिवस का नाम बदलकर ‘बिहार समर्पित दिवस’ अथवा बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि बिहार पिछले 21 वर्षों में औद्योगिक उत्पादन में बेहद पीछे लेकिन श्रमिकों की आपूर्ति में अव्वल रहा है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार पलायन रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे बिहार के मजदूर मजबूर होकर घर से दूर रहने को विवश हैं।

राजद नेता ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों का सीधा असर मजदूरों और कामगारों पर पड़ा है और गरीब विरोधी नीतियों के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।

यादव ने कहा कि दूसरे राज्यों में ‘बिहारी’ लोगों को कभी गोली तो कभी गाली मिलती है और इसके लिए राजग सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी, लॉकडाउन और रसोई गैस संकट जैसे हालातों में बिहार के प्रवासी मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज जब बड़ी संख्या में मजदूर और कामगार बिहार लौट रहे हैं, तब राज्य सरकार उनके रोजगार और आजीविका के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है।

राजद नेता ने कहा कि देश के विकास की नींव रखने वाले श्रमिकों के उत्थान और बेहतरी पर सकारात्मक चर्चा का अभाव पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों, उनके परिवारों, गांवों और प्रदेश की प्रगति के बिना विकसित भारत की बात करना बेईमानी है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि विश्व श्रमिक दिवस पर बिहार से पलायन रोकने तथा श्रमिकों के जीवन में गुणात्मक सुधार के लिए संकल्प लिया जाए और ठोस कदम उठाए जाएं।

भाषा कैलाश मनीषा

मनीषा


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