एआई से सशक्त और विकसित होगा बिहार : आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा

एआई से सशक्त और विकसित होगा बिहार : आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा

एआई से सशक्त और विकसित होगा बिहार : आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा
Modified Date: July 16, 2026 / 06:06 pm IST
Published Date: July 16, 2026 6:06 pm IST

पटना, 16 जुलाई (भाषा) बिहार सरकार ने राज्य को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘बिहार राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र (एआई-सीओई) निगम’ के गठन और इससे संबंधित ‘मेमोरैंडम ऑफ एसोसिएशन’ (एमओए) तथा ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ (एओए) को मंजूरी दे दी है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री नीतीश मिश्रा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

मिश्रा ने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसके मद्देनजर बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन की शुरुआत को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित किए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, शिक्षा और शासन के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होगा तथा राज्य में एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को नयी गति मिलेगी।

मिश्रा ने बताया कि एआई-सीओई निगम राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक प्रौद्योकियों के विकास, संचालन और विस्तार के लिए एक प्रमुख संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाओं, क्लाउड एवं डेटा मंच और अत्याधुनिक डिजिटल अवसंरचना का विकास और प्रबंधन किया जाएगा, जिससे शोध संस्थानों, स्टार्टअप, उद्योगों और सरकारी विभागों को विश्वस्तरीय तकनीकी संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

मिश्रा ने कहा कि इस पहल से एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित स्टार्टअप तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि राज्य में रोजगार सृजन, तकनीकी उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले।

मिश्रा ने कहा कि एआई-सीओई के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संबद्ध क्षेत्रों में क्षमता निर्माण, शिक्षा तथा कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में एआई आधारित समाधानों के विकास, कार्यान्वयन और व्यापक इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शहरी विकास, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं का विस्तार होगा।

भाषा

कैलाश पारुल

पारुल


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