बिहार की अर्थव्यवस्था में छलांग: विकास दर 8.64 प्रतिशत, जीएसडीपी 5.31 लाख करोड़ पहुंचा

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बिहार की अर्थव्यवस्था में छलांग: विकास दर 8.64 प्रतिशत, जीएसडीपी 5.31 लाख करोड़ पहुंचा

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  • Publish Date - September 10, 2025 / 12:55 AM IST,
    Updated On - September 10, 2025 / 12:55 AM IST

पटना, नौ सितंबर (भाषा) बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024 और 2025 में बिहार की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान राज्य की विकास दर 8.64 प्रतिशत रही, जबकि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 4.89 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.31 लाख करोड़ रुपये हो गया।

उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री ने दावा किया कि आने वाले वर्षों में बिहार का जीएसडीपी 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

चौधरी ने कहा कि बिहार अब केवल कृषि आधारित राज्य नहीं रहा है। निर्माण और उत्पादन क्षेत्र में 11 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र में 8.9 प्रतिशत तथा परिवहन और संचार क्षेत्र में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्तीय अनुशासन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य का राजकोषीय घाटा पहले 6.2 प्रतिशत था, जो घटकर अब 2.9 प्रतिशत रह गया है।

उन्होंने बताया कि हाल के निवेश सम्मेलनों से 2.3 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। आइटी और एथनॉल नीति के अंतर्गत नए उद्योगों से हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025’ के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने और 1,000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों को 10 एकड़ तक भूखंड नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की गई है। इसके तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जाएगी। छह माह बाद व्यवसाय की प्रगति के आधार पर दो लाख रुपये तक अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।

चौधरी ने कहा कि मक्का, मखाना, लीची, भिंडी और मशरूम उत्पादन में बिहार देश में पहले स्थान पर है। राज्य के 16 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जिनमें शाही लीची, भागलपुरी सिल्क और मिथिला मखाना प्रमुख हैं। इससे किसानों की आय बढ़ी है और बिहार की पहचान वैश्विक स्तर पर स्थापित हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक बिहार को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।

भाषा कैलाश सुरभि

सुरभि