भाजपा के पास योग्य उम्मीदवार की कमी, इसलिए बदला बांकीपुर प्रत्याशी: प्रशांत किशोर

भाजपा के पास योग्य उम्मीदवार की कमी, इसलिए बदला बांकीपुर प्रत्याशी: प्रशांत किशोर

भाजपा के पास योग्य उम्मीदवार की कमी, इसलिए बदला बांकीपुर प्रत्याशी: प्रशांत किशोर
Modified Date: July 11, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: July 11, 2026 6:41 pm IST

पटना, 11 जुलाई (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार के अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के फैसले को “अभूतपूर्व” बताया और दावा किया कि भाजपा के पास “काबिल उम्मीदवार की कमी” है।

अपनी पार्टी के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे किशोर ने दावा किया कि आम तौर पर, भाजपा के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार “पार्टी के दबाव या डर” के कारण चुनावी मुकाबले से हट जाते हैं।

अचानक हुए घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी में बदलाव करते हुए युवा मोर्चा के नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित किया। इससे पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने “पारिवारिक कारणों” का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से अपना नाम वापस ले लिया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा, जिन्हें ‘बंटी’ के नाम से भी जाना जाता है, ने नामांकन पत्र दाखिल करने के एक दिन बाद ही उपचुनाव न लड़ पाने की बात कही। इससे विपक्ष को यह कहने का मौका मिल गया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की खाली हुई सीट पर हार के डर से सत्ताधारी पार्टी घबरा गई है।

किशोर ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की ताकत और जनता के भरोसे की जीत बताया।

किशोर ने यहां पत्रकारों से कहा, “संदेश साफ है: लोग अब बदलाव चाहते हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस बार वे भाजपा को उसके ही गढ़ में सबक सिखाएंगे। पार्टी के पास कोई काबिल उम्मीदवार नहीं है।”

भाजपा के नए उम्मीदवार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और सोमवार को उनके नामांकन पत्र दाखिल करने की उम्मीद है।

किशोर ने कहा कि कोई भी ताकत जनता की शक्ति का सामना नहीं कर सकती।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जनादेश ही “सबसे बड़ी ताकत” है और अंतिम फैसला आखिरकार उन्हीं के हाथ में होता है।

किशोर ने दावा किया, “भाजपा अपने प्रतिद्वंद्वियों के उम्मीदवारों को लुभाने या डराने-धमकाने के लिए जानी जाती है। अब उसका अपना ही उम्मीदवार भाग रहा है। हार की आशंका से पार्टी घबराई हुई है। वे डींगें हांका करते थे कि वे किसी को भी मैदान में उतारकर बांकीपुर जीत सकते हैं। जनता ने भाजपा को सबक सिखाने का फैसला कर लिया है।”

जनसुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा, “बिहार के लोगों की राय साफ है कि सम्राट चौधरी जैसे व्यक्ति को- उनके आचरण, चरित्र और सार्वजनिक छवि को देखते हुए- बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं थोपा जा सकता। मुख्यमंत्री किसी भी समुदाय से हो सकता है; यह मुद्दा नहीं है। असली मुद्दा एक काबिल और योग्य व्यक्ति को चुनना है।”

उप-चुनाव 30 जुलाई को होगा और नतीजे तीन अगस्त को आएंगे।

यह उप-चुनाव इसलिए कराना पड़ा, क्योंकि मौजूदा भाजपा विधायक नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राज्यसभा के लिए चुना गया था।

नवीन ने भाजपा का गढ़ रही बांकीपुर सीट लगातार पांच बार जीती थी।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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