भाजपा-आरएसएस संविधान बदलने, लोकतंत्र की जगह तानाशाही स्थापित करने के प्रयास में: तेजस्वी

भाजपा-आरएसएस संविधान बदलने, लोकतंत्र की जगह तानाशाही स्थापित करने के प्रयास में: तेजस्वी

भाजपा-आरएसएस संविधान बदलने, लोकतंत्र की जगह तानाशाही स्थापित करने के प्रयास में: तेजस्वी
Modified Date: April 11, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: April 11, 2026 9:04 pm IST

(तस्वीर के साथ)

पटना, 11 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान को बदलने तथा लोकतंत्र को तानाशाही से बदलने का प्रयास कर रहे हैं।

राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से “संविधान के विरोधियों” के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी भारत के संविधान को आरएसएस के संविधान से बदलना चाहते हैं। वे लोकतंत्र को खत्म करके तानाशाही स्थापित करना चाहते हैं। हमारे लिए यह संघर्ष का समय है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसे बदलाव होते हैं, तो वे पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों, दलितों और हाशिये पर रहने वाले अन्य समुदायों को बुरी तरह प्रभावित करेंगे।’’

राजद नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सांप्रदायिक ताकतों की कथित “बांटो और राज करो” की नीति के खिलाफ लड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई भी नेता, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम, जिसमें मैं भी शामिल हूं, भड़काऊ भाषण देता है या सांप्रदायिक राजनीति में शामिल होता है, तो उसका कड़ा विरोध किया जाना चाहिए।”

यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस दशकों से “संघर्ष भड़काकर” देश में “शांति और बंधुत्व को पटरी से उतारने” का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं लालू प्रसाद का पुत्र हूं, जिन्होंने एल.के. आडवाणी के रथ को रोका और बाबरी मस्जिद विध्वंस में मदद करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करवाया। न तो मेरे पिता सांप्रदायिक ताकतों के आगे झुके, न ही मैं झुकूंगा।”

उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि उसने उनके (तेजस्वी के) और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए हैं, जो उन्हें “बदनाम करने और विभाजित करने की साजिश” का हिस्सा है।

यादव ने कहा, “मेरे और मेरे पूरे परिवार के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। हमें बदनाम करने और बांटने की साजिशें रची जा रही हैं। जब भी तेजस्वी कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाता है, जनता का ध्यान भटकाने के लिए उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर दिए जाते हैं।”

यादव ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए एजेयूपी के संस्थापक हुमायूं कबीर पर पश्चिम बंगाल में चुनाव वाले इलाकों में “धर्मनिरपेक्ष ताकतों” को हराने के लिए भाजपा से कथित तौर पर 1,000 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया, “भाजपा विपक्षी शासित राज्यों में सरकारों को गिराने की कोशिश कर रही है, ताकि संविधान में व्यापक बदलाव किए जा सके।”

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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