Dhamtari Suicide News: दो भाइयों की मौत का सदमा नहीं सह पाया किसान, उठाया ये खौफनाक कदम, बुझ गए घर के तीन चिराग

Dhamtari Suicide News: धमतरी जिले में दो भाइयों की मौत का सदमा एक युवक सहन नहीं कर पाया और आखिरकार उसने भी अपनी जिंदगी खत्म कर ली।

Dhamtari Suicide News: दो भाइयों की मौत का सदमा नहीं सह पाया किसान, उठाया ये खौफनाक कदम, बुझ गए घर के तीन चिराग

Dhamtari Suicide News /Photo Credit: IBC24

Modified Date: June 5, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: June 5, 2026 7:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • धमतरी के सिवनी खुर्द गांव में किसान ने जहरीली दवा पीकर जान दी
  • दो भाइयों की मौत के सदमे में मानसिक तनाव से जूझ रहा था किसान
  • एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत से गांव में शोक की लहर

Dhamtari Suicide News: धमतरी जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां दो भाइयों की मौत का सदमा एक युवक सहन नहीं कर पाया और आखिरकार उसने भी अपनी जिंदगी खत्म कर ली। परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि एक के बाद एक घर का तीन चिराग बुझ गया। घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी खुर्द की है जहां एक किसान ने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या कर ली।

भाइयों की मौत के बाद सदमे में था

ग्राम सिवनी खुर्द निवासी मृतक धनीराम ध्रुव (Dhamtari Suicide News) खेती-किसानी कर अपने परिवार का जीवनयापन करता था। परिजनों के मुताबिक पिछले कुछ समय में उसके दो भाइयों का निधन हो गया था। भाइयों की मौत के बाद धनीराम गहरे सदमे में चला गया था। वह अक्सर अकेला रहने लगा था और मानसिक रूप से काफी परेशान रहता था। बताया जा रहा है कि अपनों को खोने का दर्द उसे अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। इसी तनाव के बीच उसने खेतों में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।

धनीराम की मौत (Dhamtari Suicide News) के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस परिवार ने पहले ही दो बेटों को खो दिया था, अब तीसरे बेटे की मौत ने घर की खुशियां पूरी तरह छीन ली हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। घटना की सूचना मिलते ही अर्जुनी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

कहते हैं समय हर घाव भर देता है, लेकिन कभी-कभी अपनों के बिछड़ने का दर्द इतना गहरा होता है कि इंसान जिंदगी से ही हार मान बैठता है सिवनी खुर्द की यह घटना भी एक ऐसे ही टूटे हुए मन की कहानी है, जिसने दो भाइयों के जाने का गम सहन नहीं किया और खुद भी हमेशा के लिए खामोश हो गया।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.