पटना, 16 जुलाई (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बृहस्पतिवार को 25 वर्षीय बंटी यादव के परिजन से मुलाकात की, जिसकी पिछले हफ्ते कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।
बांकीपुर से विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे किशोर ने राज्य सरकार पर “आपराधिक मानसिकता” रखने का आरोप लगाया और मृतक के परिजन को त्वरित न्याय दिलाने की मांग की।
बंटी का शव पिछले शनिवार को पटना जिले के अथमलगोला इलाके में विक्षिप्त अवस्था में मिला था।
किशोर ने कहा, “राज्य सरकार के आपराधिक चरित्र के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। परिजन ने प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कथित लापरवाही के लिए कोतवाली और जक्कनपुर थाने के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा और एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।”
उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में पुलिस ने परिवार का सहयोग नहीं किया और उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।
किशोर ने कहा, “मैं चार-पांच दिन पहले यहां आया था, तब अपहरण के विरोध में परिजन धरने पर बैठे थे। पुलिस ने दो दिन के भीतर युवक को बरामद करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। उसी दिन देर शाम परिजन ने मुझे बताया कि जक्कनपुर और कोतवाली थाने के अधिकारियों ने उनके साथ सहयोग नहीं किया।”
उन्होंने कहा कि चार दिन बाद परिवार को पता चला कि बंटी का शव अथमलगोला से बरामद हुआ है।
किशोर ने पुलिस पर मृतक की छवि खराब करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस यह आरोप लगा रही है कि वह अवैध शराब के कारोबार में शामिल था।
किशोर ने कहा, “अगर पुलिस को लगता था कि बंटी अवैध शराब के कारोबार में शामिल था, तो पहले उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अगर उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, तो उसकी मौत के बाद ऐसे आरोप लगाने का पुलिस को कोई अधिकार नहीं है।”
इस बीच, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस मामले का मुख्य आरोपी सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गया।
शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “प्रथम दृष्टया यह अपहरण अवैध शराब के कारोबार में शामिल दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा प्रतीत होता है।”
पटना (मध्य) की पुलिस अधीक्षक ममता कल्याणी ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तीन मुख्य आरोपी और उनके दो सहयोगी शामिल हैं।
भाषा
कैलाश पारुल
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