(SBI Funds IPO/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: SBI Funds Management IPO: शेयर बाजार मे चल रहे IPO सीजन के बीच SBI फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds IPO) का इश्यू निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। करीब 9,813 करोड़ रुपये के इस IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। बोली के आखिरी दिन 16 जुलाई को दोपहर तक यह इश्यू 6.1 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। इससे साफ पता चलता है कि निवेशकों को कंपनी के भविष्य और ग्रोथ पर भरोसा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने IPO में 12.46 करोड़ शेयर जारी किए थे जबकि इसके मुकाबले 67.05 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा मांग नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की तरफ से देखने को मिली जिनका हिस्सा 16.31 गुना भर चुका है। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 4.43 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.56 गुना सब्सक्राइब हुआ।
IPO में निवेश (SBI Funds IPO) करने वाले लोग अक्सर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO का GMP करीब 92 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये तय किया है। अगर GMP और ऊपरी प्राइस बैंड को ध्यान में रखा जाए, तो शेयर की लिस्टिंग करीब 662 रुपये के आसपास हो सकती है। इससे निवेशकों को लिस्टिंग के दिन लगभग 16% तक के फायदे की उम्मीद जताई जा रही है।
इस IPO (SBI Funds IPO) को लेकर बाजार विशेषज्ञों का रुख सकारात्मक है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट और जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे ब्रोकरेज हाउस ने इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में कंपनी की मजबूत पकड़, बेहतर मुनाफा और उचित वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, निवेशकों को किसी भी निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता जरूर देखनी चाहिए।
SBI फंड्स मैनेजमेंट की स्थापना 1992 में हुई थी और यह देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है। कंपनी की म्यूचुअल फंड बाजार में करीब 15.5% हिस्सेदारी है। साल 2025 तक कंपनी लगभग 16.32 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मैनेज कर रही थी। IPO में आवेदन करने वाले निवेशकों को शेयर अलॉटमेंट 17 जुलाई को मिलने की उम्मीद है। जबकि कंपनी के शेयर 21 जुलाई को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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