‘नया मुखौटा पहने जंगल राज’ पर भरोसा न करें: शाह की बिहार के लोगों से अपील

‘नया मुखौटा पहने जंगल राज’ पर भरोसा न करें: शाह की बिहार के लोगों से अपील

‘नया मुखौटा पहने जंगल राज’ पर भरोसा न करें: शाह की बिहार के लोगों से अपील
Modified Date: October 18, 2025 / 03:30 pm IST
Published Date: October 18, 2025 3:30 pm IST

पटना, 18 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि बिहार की जनता को “नए मुखौटा पहने जंगलराज” पर भरोसा नहीं करना चाहिए और उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बिहार में सत्ता बरकरार रखेगा।

शाह ने पटना में ‘एबीपी न्यूज’ और ‘हिंदुस्तान समूह’ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘बिहार समागम’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) दरअसल ‘‘जंगलराज का नया रूप’’ है, जबकि राजग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को स्थिरता और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा, “मैं बिहार की जनता का आशीर्वाद लेने आया हूं। पिछले 20 वर्षों में हमने इस राज्य को नरक से बाहर निकाला है। अब समय है कि इस मजबूत नींव पर एक मजबूत संरचना तैयार की जाए। मैं जनता से अपील करता हूं कि वे जंगलराज लाने वालों पर भरोसा न करें, चाहे वे किसी नए चेहरे या गठबंधन के रूप में क्यों न आएं।”

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं लोगों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे राजग को एक और मौका देने का आग्रह करता हूं। इससे हमें वर्षों से चली आ रही प्रगति को जारी रखने में मदद मिलेगी, जिसमें केंद्र में (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी और राज्य में (मुख्यमंत्री) नीतीश हैं।’’

भाजपा नेता ने पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एक साल पुरानी जन सुराज पार्टी पर टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया, जिसके बारे में कई का मानना ​​है कि यह एक छुपा रुस्तम साबित हो सकती है।

जब जन सुराज पार्टी द्वारा राज्य के कई भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बारे में पूछा गया तो शाह ने तीखा जवाब देते हुए कहा, ‘‘उन्होंने (किशोर) एक नयी पार्टी बनाई है जो पहली बार चुनाव लड़ रही है। हम उनके बारे में वोटों की गिनती और नतीजे घोषित होने के बाद बात करेंगे।’’

शाह ने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि सत्तारूढ़ राजग ने पूरे कार्यकाल में जनता की परेशानियों को अनदेखा किया और अब चुनाव से पहले मुफ्त की रेवड़ियां बांट रहा है।

उन्होंने कहा, “विपक्ष खुद से परेशान है। उन्हें यह तक पता नहीं कि गठबंधन में कौन नेतृत्व करेगा, कौन कहां से लड़ेगा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वाम दलों के बीच आपसी खींचतान इतनी है कि कई सीट पर वे एक-दूसरे के खिलाफ ही मैदान में उतर रहे हैं।”

शाह ने कहा कि बिहार के लोगों को राजग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 8.52 करोड़ लोगों को हर माह पांच किलो मुफ्त अनाज, 87 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि, 52 लाख किसानों को फसल बीमा, 3.53 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज, 1.57 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर, और 44 लाख बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

बिहार में बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “कई साल पहले जब मैं गया जी में अपने पिता के श्राद्ध के लिए गया था, तो पटना से वहां पहुंचने में छह घंटे से अधिक समय लगा था। आज वह दूरी दो घंटे में तय की जा सकती है। अपहरण और जातीय हिंसा जैसी घटनाएं अब अतीत की बात हो चुकी हैं।’’

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में केंद्र सरकार बिहार के प्रतिभाशाली कार्यबल का उपयोग करते हुए इसे कृत्रिम मेधा (एआई) का केंद्र बनाने की दिशा में काम करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार भूमि भले ही सीमित हो, लेकिन यहां की मानव संसाधन क्षमता असीमित है।’’

शाह ने कहा कि बिहार वह धरती है जिसने चंद्रगुप्त मौर्य जैसे सम्राटों को जन्म दिया और लगभग 700 वर्षों तक देश की राजनीतिक धुरी बना रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘अब कोई कारण नहीं कि यह राज्य अपनी खोई हुई गौरवशाली पहचान फिर से प्राप्त न करे।’’

गृह मंत्री ने तीन दिवसीय बिहार दौरे के समापन पर विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में राजग “ऐतिहासिक जीत” दर्ज करेगा।

भाषा कैलाश

खारी

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