बिहार के विधानसभा अध्यक्ष समेत 45 विधायकों के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती

बिहार के विधानसभा अध्यक्ष समेत 45 विधायकों के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती

बिहार के विधानसभा अध्यक्ष समेत 45 विधायकों के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती
Modified Date: February 19, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: February 19, 2026 4:03 pm IST

पटना, 19 फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 45 सदस्यों के निर्वाचन को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने बताया कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से पराजित प्रत्याशियों ने ये चुनाव याचिकाएं दायर की हैं और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आम तौर पर कोई भी चुनाव याचिका सीधे खारिज नहीं की जाती। प्रतिवादियों को नोटिस भेजे जाते हैं और उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद न्यायालय आदेश पारित करता है।’’

एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हां, गया टाउन सीट से प्रेम कुमार के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई है। हालांकि, उनके मामले में अब तक नोटिस जारी नहीं हुआ है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठवीं बार विधायक बने प्रेम कुमार के निर्वाचन को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले अखौरी ओंकार नाथ ने चुनौती दी है। वह 26 हजार से अधिक मतों से पराजित हुए थे।

प्रसाद ने बताया कि अधिकतर चुनाव याचिकाएं विजयी उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों में कथित विसंगतियों या जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर दायर की गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, जिन प्रमुख नेताओं के निर्वाचन को चुनौती दी गई है उनमें जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और युवा विधायक चेतन आनंद, तथा भाजपा के पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा शामिल हैं।

राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक के निर्वाचन को भी चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई है। यह याचिका गोह सीट से 4,041 मतों के मामूली अंतर से विजयी रहे अमरेंद्र कुमार के निर्वाचन के खिलाफ दायर की गई है।

भाषा कैलाश शफीक

शफीक


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