CJP Protest Update: सरकार और CJP के बीच जारी बैठक हुई खत्म, इन मुद्दों पर बनी सहमति, सीजेपी ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं
CJP Protest Update: अभिजीत दिपके ने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा हमें कुछ भी मंज़ूर नहीं है।
CJP Protest Update/Image Credit: ANI X Handle
- कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता हुआ नजर आ रहा है।
- आज केंद्र सरकार और CJP के प्रवक्ताओं के बीच बातचीत हुई।
- इस बैठक में सरकार ने CJP की दो मांगे मान ली है।
CJP Protest Update: नई दिल्ली: नीट पेपर लिक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता हुआ नजर आ रहा है। सोनम वांगचुक ने बीती रत भूख हड़ताल खत्म कर दी और अब CJP की तरफ से बड़ी जानकारी दी गई है। दरअसल आज केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, और कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच बैठक हुई। इस बैठक के बाद सौरभ दास ने कहा, मृतक छात्रों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर के संदर्भ में पॉजिटिव बात हुई, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर हमारा आंदोलन समाप्त नहीं होगा। (CJP Protest Update) वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा हमें कुछ भी मंज़ूर नहीं है। प्रोटेस्ट खत्म नहीं होगा।”
#WATCH | Delhi: Founding President of Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke says, “Nothing short of resignation (of Union Education Minister Dharmendra Pradhan) is acceptable to us. The protest will not be called off.”
“This protest belongs to the youth of the nation and is not… pic.twitter.com/Jm0ulvq5kL
— ANI (@ANI) July 24, 2026
#WATCH | Delhi | After meeting with the government, Cockroach Janta Party’s National Spokesperson Ashutosh Ranka says, “The government has asked for time till tomorrow afternoon on our demand for Dharmendra Pradhan’s resignation. We hope the govt will remove him soon. The… pic.twitter.com/0zwUGAJ6W0
— ANI (@ANI) July 24, 2026
पेपर लीक संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी
Paper Leak Law in India: परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई है। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
पेपर लीक बिल संशोधन को मंजूरी, कानून मे संशोधन को कैबिनेट से मंजूरी…इधर CJP और सरकार के बीच बैठक खत्म..#PaperLeak #NEETPaperLeak #CabinetDecision #ModiCabinethttps://t.co/yd4pdyxlEw
— IBC24 News (@IBC24News) July 24, 2026
पेपर लीक संशोधन विधेयक में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। (Paper Leak Law) इस विधेयक के तहत दोषी पाए जाने वालों के लिए 10 साल तक की सजा 10 करोड़ का जुर्माना का प्रावधान होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और नकल व पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार ने इस विधयेक को मंजूरी दी है।
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव को हटाया
आपको बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने देर रात ये नोटिस जारी करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है और उनकी जगह पर नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। जो इससे पहले पशुपालन और डेयरी विभाग की जिम्मेदारी संभालते थे।
पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामले में बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया है।
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों की सीरीज जारी है.जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
संबंधित अधिकारियों और विभागों को दिए निर्देश
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस बारे में जरूरी निर्देश दे दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वे इस फैसले को लागू करने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें। प्रधानमंत्री ने इसे छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की लगातार चल रही कोशिशों का ही हिस्सा है।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
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