Atithi Shikshak Niyamitikaran News: अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और सैलरी पर आ गया शिक्षा मंत्री का जवाब, जानिए लंबे आंदोलन के बाद किन मांगों पर सरकार ने लिया फैसला
Atithi Shikshak Niyamitikaran News: अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और सैलरी पर आ गया शिक्षा मंत्री का जवाब, जानिए लंबे आंदोलन के बाद किन मांगों पर सरकार ने लिया फैसला
Atithi Shikshak Niyamitikaran News: अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और सैलरी पर आ गया शिक्षा मंत्री का जवाब, जानिए लंबे आंदोलन के बाद किन मांगों पर सरकार ने लिया फैसला / Image: AI Generated
- अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा
- अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर शिक्षा मंत्री का जवाब
- अवकाश अवधि में मानदेय भुगतान का भी फिलहाल कोई प्रावधान नहीं
भोपाल: Atithi Shikshak Niyamitikaran News स्कूल खुलते ही प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखने को मिलती है। कई जगहों में तो शिक्षकों की कमी से आक्रोशित ग्रामीण स्कूल में ताला तक जड़ देते हैं। ऐसे शिक्षा विभाग बच्चों के शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों को सौंपती है, जिन्हें एक निश्चित समय के लिए नियुक्त किया जाता है। अतिथि शिक्षक काम तो पूरा रेगुलर शिक्षक वाला ही करते हैं, लेकिन उन्हें सैलरी से लेकर सुविधाएं नाम मात्र की मिलती है। हालांकि नियमितीकरण सहित कई मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों ने कई बार मोर्चा खोला, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई खास पहल नहीं की गई है। वहीं, अब अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण,वेतन भुगतान सहित अन्य सुविधाओं को लेकर शिक्षा मंत्री का जवाब आ गया है।
क्या अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण होगा?
Atithi Shikshak Niyamitikaran News दरअसल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अशोक नगर विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय ने सदन में अतिथि शिक्षकों को लेकर सवाल लगाया था। उन्होंने सदन के पटल पर अपना सवाल रखते हुए पूछा था कि राज्य के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की वर्तमान संख्या जिला एवं विकासखंडवार कितनी है? क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि अनेक अतिथि शिक्षक कई वर्षों से निरंतर शिक्षण कार्य कर रहे हैं, फिर भी उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है? क्या राज्य सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण अथवा उन्हें स्थायी सेवा में समायोजित करने संबंधी कोई नीति, प्रस्ताव अथवा विचाराधीन योजना तैयार की गई है?
उन्होंने अपने सवाल में आगे पूछा था कि ”क्या अवकाश अवधि (ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन अथवा अन्य स्वीकृत अवकाश) के दौरान अतिथि शिक्षकों को वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? क्या राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों को अवकाश अवधि में भी मानदेय /वेतन प्रदान करने पर विचार कर रही है?
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर शिक्षा मंत्री का जवाब
विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय के सवाल का लिखित जवाब पेश करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह कहा है कि ”अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमितिकरण का कोई प्रावधान नहीं है। मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 में संशोधित नियम दिनांक 27.12.2024 अनुसार शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के विज्ञापित पदों की 50 प्रतिशत रिक्तियां म.प्र. शासन द्वारा संचालित शासकीय विद्यालयों में ऐसे अतिथि शिक्षक जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिवस (प्रतिसत्र न्यूनतम 30 दिवस) के रूप में कार्य किया हो, के लिये आरक्षित है। पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं तदुपरांत चयन परीक्षा से मेरिट क्रम में नियुक्ति का प्रावधान है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अवकाश की अवधि में अतिथि शिक्षकों को भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं, अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षक व्यवस्था अस्थायी व्यवस्था है, नियमितीकरण पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है।
इन मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों ने खोला था मोर्चा
- नियमितीकरण के लिए विशेष परीक्षा और रिक्त पदों में आरक्षण
- शिक्षक भर्ती में बोनस अंक और पात्रता में छूट
- स्कोर कार्ड में अनुभव अंकों की वृद्धि
- 12 माह का वार्षिक अनुबंध और सेवा निरंतरता
- सामाजिक सुरक्षा : बीमा, पीएफ और स्वास्थ्य सुविधाएं
- ई-अटेंडेंस सुधार और लंबित मानदेय का भुगतान
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