बिहार में प्रत्येक थाने में समुदाय पुलिसिंग के लिए तैनात होगा एक समर्पित अधिकारी

बिहार में प्रत्येक थाने में समुदाय पुलिसिंग के लिए तैनात होगा एक समर्पित अधिकारी

बिहार में प्रत्येक थाने में समुदाय पुलिसिंग के लिए तैनात होगा एक समर्पित अधिकारी
Modified Date: September 7, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: September 7, 2026 5:57 pm IST

पटना, सात सितंबर (भाषा) बिहार पुलिस ने आम लोगों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने और अपराध की रोकथाम की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से सामुदायिक पुलिसिंग पहल शुरू की है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक थाने में एक समर्पित अधिकारी की तैनाती की गई है।

अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) सुनील कुमार ने सोमवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सितंबर से बिहार पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को अधिक व्यवस्थित रूप में लागू किया है। इससे पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा तथा अपराधों की रोकथाम के लिए समय रहते हस्तक्षेप किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाने में विधि-व्यवस्था के प्रभारी अतिरिक्त थानाध्यक्ष (एएसएचओ) को सामुदायिक पुलिसिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। वह थानाध्यक्ष के मार्गदर्शन में इस काम को अंजाम देंगे।

कुमार ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के संस्थागत ढांचे के तहत सभी थानों में ‘सामुदायिक पुलिसिंग रजिस्टर’ रखना अनिवार्य किया गया है। इसमें हर महीने की गतिविधियों और उपलब्धियों का विवरण दर्ज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने, बाल सुरक्षा और जन-जागरुकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आम लोगों के साथ नियमित संवाद भी स्थापित किया जाएगा।

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने कहा कि बिहार पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग को मौजूदा पुलिस व्यवस्था का हिस्सा बना रही है, ताकि पुलिस को शुरुआती स्तर पर सूचनाएं मिल सकें और संभावित विवादों व अपराधों को समय रहते रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस महानिदेशक ने पिछले सप्ताह आदेश जारी किया था, जिसे राज्य के सभी जिलों में भेज दिया गया है।

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) के.एस. अनुपम ने बताया कि बिहार पुलिस ने इस वर्ष संपत्ति कुर्की के लिए करीब 4,000 प्रस्ताव अदालतों में भेजे हैं, जिनमें से 800 को मंजूरी मिल चुकी है।

उन्होंने बताया कि ‘ट्रायल मॉनिटरिंग सिस्टम’ के तहत पुलिस ने हत्या, अपहरण, पुलिस पर हमले, शस्त्र अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से जुड़े 6,000 से अधिक मामलों की निगरानी शुरू की है।

अनुपम ने कहा, ‘‘हम रोजाना मुकदमों की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पुलिस अधिकारी अदालत में उपस्थित होकर गवाही दें। करीब 600 मामले अंतिम चरण में हैं, जिनमें लगभग 400 शस्त्र अधिनियम, 120 पॉक्सो और 98 हत्या के मामले शामिल हैं। इनमें बहस पूरी हो चुकी है और विभिन्न अदालतों के फैसलों का इंतजार है।’’

मुजफ्फरपुर में भूमि कब्जा और संपत्ति ध्वस्तीकरण विवाद से जुड़े लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित कुमार राणू के खिलाफ दर्ज करीब 10 प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर अनुपम ने कहा कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस आरोपपत्र दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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