स्लोवाकिया संसद के अध्यक्ष को ‘ठेकुआ’ भेंट करना बिहार के लिए गर्व व सम्मान की बात:मुख्यमंत्री सम्राट
स्लोवाकिया संसद के अध्यक्ष को ‘ठेकुआ’ भेंट करना बिहार के लिए गर्व व सम्मान की बात:मुख्यमंत्री सम्राट
पटना, 19 जून (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्लोवाकिया की संसद के अध्यक्ष रिचर्ड रशी को बिहार का पारंपरिक व्यंजन ‘ठेकुआ’ भेंट किए जाने की सराहना करते हुए इसे बिहार के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया।
ठेकुआ बिहार और झारखंड का एक पारंपरिक मिष्ठान्न है, जो गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी, सौंफ और घी से बनाया जाता है। छठ पूजा के दौरान इसे विशेष रूप से प्रसाद के रूप में तैयार किया जाता है और श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की संसद के अध्यक्ष रिचर्ड रशी को ठेकुआ भेंट किया था।
प्रधानमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक ठेकुआ अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा स्लोवाक संसद के अध्यक्ष रिचर्ड को बिहार का प्रसिद्ध ठेकुआ भेंट किया जाना हम सभी बिहारवासियों के लिए गर्व का क्षण है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक उपहार नहीं, बल्कि बिहार की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता को वैश्विक सम्मान दिलाने वाला अवसर है।’’
राज्य सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ठेकुआ भेंट कर बिहार की मिट्टी की सौंधी खुशबू और संस्कृति की मिठास वैश्विक मंच तक पहुंचाई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे पूरे बिहार के लिए गर्व और भावुक कर देने वाला क्षण बताया है।
उन्होंने कहा कि ठेकुआ की पहचान बिहार के लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में महाप्रसाद के रूप में होती है, यह केवल एक मिठाई या प्रसाद नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने भी ‘एक्स’ पर लिखा कि स्लोवाकिया की संसद के अध्यक्ष को बिहार का पारंपरिक पकवान ‘ठेकुआ’ भेंट कर प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।
भाषा कैलाश
शफीक
शफीक

Facebook


