जमुई छेड़छाड़ मामला: प्रियंका, तेजस्वी और किशोर का राजग पर हमला, केंद्रीय मंत्रियों का पलटवार
जमुई छेड़छाड़ मामला: प्रियंका, तेजस्वी और किशोर का राजग पर हमला, केंद्रीय मंत्रियों का पलटवार
पटना, 22 सितंबर (भाषा) बिहार के जमुई जिले में नाबालिग लड़के और लड़की से बदसलूकी की घटना को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर निशाना साधा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन की ओर से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और जीतन राम मांझी ने पलटवार करते हुए कहा कि घटना के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया और विपक्ष ‘जंगल राज’ के दौर को भूलकर राजनीति कर रहा है।
केरल के वायनाड में मौजूद प्रियंका ने कहा, ‘‘यह बेहद भयावह है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। अगर हमारी बेटियां सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं तो बड़ी-बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्या मतलब है?’’
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना को ‘‘बेहद विचलित करने वाला’’ बताते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक दल के नेता एवं मंत्री श्रवण कुमार तथा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा घटना को ‘‘छिटपुट’’ बताए जाने की आलोचना करते हुए इसे असंवेदनशील करार दिया।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई जिले में हुई इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “बिहार की बदनामी हो रही है’ और राज्य में गुंडाराज का माहौल है।”
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह शर्मनाक है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ नेता इस घटना को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं।”
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया। ललन सिंह ने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘जमुई की घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। सम्राट चौधरी सरकार सुनिश्चित करेगी कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।’’
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘2005 से पहले का दौर याद कर लीजिए, जब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उस समय शाम ढलने के बाद बेटियां घर से निकलने का साहस नहीं कर पाती थीं।’’
मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अधिकांश आरोपी यादव समुदाय से हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘तेजस्वी जी कहते हैं कि बिहार-यूपी का हर यादव उनका भाई है। अब उन्हीं भाइयों ने लड़की के साथ बदसलूकी की और सरकार को बदनाम करने के लिए वीडियो बनाया।’’
पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि तेजस्वी को ‘‘अपने भाइयों को संभालना चाहिए, नहीं तो सुशासन वाली सरकार कार्रवाई करेगी।’’
जमुई से भाजपा विधायक एवं राज्य मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि अपने क्षेत्र में हुई इस घटना से उन्हें पीड़ा हुई है।
उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी जाति या वर्ग से नहीं, बल्कि ‘‘असामाजिक तत्व’’ के रूप में देखा जाना चाहिए।
श्रेयसी ने कहा कि अधिकांश आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘अगर नैतिक पुलिसिंग की जरूरत हो तो वह शालीन तरीके से की जा सकती है।’’
कांग्रेस ने उनके इस बयान का वीडियो साझा करते हुए इसे भाजपा की ‘‘पितृसत्तात्मक मानसिकता’’ का उदाहरण बताया।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी राजग सरकार की आलोचना की और घटना को ‘‘भयावह’’ बताते हुए इसे ‘‘छिटपुट’’ बताने वाली टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव के बयानों पर राजद के पुराने रिकॉर्ड के कारण सवाल उठते हैं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने गिरफ्तार तीन नाबालिग आरोपियों को लेकर भी सवाल उठाए और सम्राट चौधरी से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तेजस्वी यादव कानून-व्यवस्था की बात करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बाघ शाकाहार के गुण बता रहा हो।’’
किशोर ने आरोप लगाया, “यह घटना भयावह और डरावनी है। सम्राट चौधरी के सत्ता में आने के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तार तीन नाबालिग आरोपी “वैसे ही बच सकते हैं जैसे 1990 के दशक में हत्या के एक मामले में दोषसिद्धि के बावजूद सम्राट चौधरी कथित तौर पर झूठे आयु प्रमाणपत्र के आधार पर बच निकले थे।”
पूर्व चुनाव रणनीतिकार ने कहा, “जब तेजस्वी यादव कानून-व्यवस्था की बात करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बाघ शाकाहार के गुण बता रहा हो। भाजपा और उसके सहयोगी 20 वर्षों से अधिक समय तक इसलिए सत्ता में रहे हैं क्योंकि लोगों के मन में जंगल राज की यादें अब भी ताजा हैं।”
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र

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