न्याय व्यवस्था लंबे समय से आरोपी और अपराध पर केंद्रित रही है : प्रधान न्यायाधीश

न्याय व्यवस्था लंबे समय से आरोपी और अपराध पर केंद्रित रही है : प्रधान न्यायाधीश

न्याय व्यवस्था लंबे समय से आरोपी और अपराध पर केंद्रित रही है : प्रधान न्यायाधीश
Modified Date: September 26, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: September 26, 2026 10:35 pm IST

पटना, 26 सितंबर (भाषा) प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को चिंता जताते हुए कहा कि आपराधिक न्याय प्रक्रिया काफी हद तक आरोपी और अपराध के इर्द-गिर्द बनी हुई है, जबकि पीड़ित अक्सर अपना बयान देने के बाद गवाही वाले दिन तक इस प्रक्रिया से गायब हो जाता है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बीएसएलएसए) परिसर में ‘पीड़ित अधिकार केंद्र’ (वीआरसी) का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।

बीएसएलएसए के बयान के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘लंबे समय से आपराधिक न्याय प्रक्रिया आरोपी और अपराध के इर्द-गिर्द बनी हुई है। पीड़ित आता है, अपना बयान देता है और अक्सर गवाही के दिन तक इस कहानी से गायब हो जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बीच के महीनों में उस व्यक्ति के साथ क्या होता है, इसकी जिम्मेदारी अक्सर सीधे तौर पर किसी की नहीं होती। पीड़ित कई बार पूरी प्रक्रिया को ही दूसरी चोट के रूप में महसूस करता है। वह पहले से ही पीड़ा में होता है और फिर उसे ऐसी व्यवस्था से गुजरना पड़ता है, जिससे वह अनजान होता है।’’

सीजेआई ने कहा कि वीआरसी एक ही मंच के तहत मुआवजा योजनाओं, कानूनी और चिकित्सा सहायता, परामर्श, सुरक्षा तथा पुनर्वास सेवाओं को उपलब्ध कराएगा।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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