लालू ने सहयोगी दलों पर दबाव डालकर बेटे को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनवाया: सम्राट चौधरी

लालू ने सहयोगी दलों पर दबाव डालकर बेटे को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनवाया: सम्राट चौधरी

लालू ने सहयोगी दलों पर दबाव डालकर बेटे को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनवाया: सम्राट चौधरी
Modified Date: October 23, 2025 / 06:16 pm IST
Published Date: October 23, 2025 6:16 pm IST

पटना, 23 अक्टूबर (भाषा) बिहार के उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने दबाव डालकर अपने बेटे तेजस्वी यादव को महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करवाया।

भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि आज लोकतंत्र और बिहार को शर्मसार करने वाला दिन है।

उन्होंने आरोप लगाया, “लालू यादव ने जैसे 15 साल तक बिहार में राज किया, वैसे ही अब अपने गठबंधन में गुंडागर्दी कर सभी सहयोगी दलों पर दबाव बनाकर अपने बेटे को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कराया है।”

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चौधरी ने कहा कि लालू यादव के शासनकाल में बिहार को “लूट, हत्या और भ्रष्टाचार” का इनाम मिला और अब “पंजीकृत अपराधी का बेटा मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहा है।”

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और महागठबंधन के अन्य दलों ने लालू यादव जैसे भ्रष्ट नेता के पुत्र का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, “जिस व्यक्ति ने 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले में भ्रष्टाचार किया, उसी के बेटे को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया है।”

तेजस्वी यादव के चुनावी वादों को अव्यावहारिक बताते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा, “वह 2.70 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी देने की बात करते हैं। जबकि राज्य में फिलहाल करीब 22 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिन पर 85 हजार करोड़ रुपये का व्यय होता है। अगर तेजस्वी यादव का वादा पूरा किया जाए, तो 12 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जबकि बिहार का कुल बजट सिर्फ 3.17 लाख करोड़ रुपये है।”

चौधरी ने तेजस्वी द्वारा जीविका दीदियों को 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा, “राज्य में 1.36 करोड़ जीविका दीदी हैं। यह वादा पूरी तरह अव्यावहारिक और जनता को भ्रमित करने वाला है।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में “जीविका दीदी योजना” के जरिए महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक साल में 56 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार हुआ है।

‘डबल इंजन सरकार’ की आवश्यकता पर जोर देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “बिहार के वास्तविक विकास के लिए केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में नीतीश कुमार की सरकार का होना जरूरी है। बिहार की तरक्की केवल केंद्र के सहयोग और सुशासन से ही संभव है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार की जनता “भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के सहारे सत्ता में आने की कोशिश करने वाले महागठबंधन” को आगामी 6 और 11 नवंबर को मतदान के जरिए करारा जवाब देगी।

भाषा कैलाश

राजकुमार हक

हक


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