बिहार में भूमिहीन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगी जमीन : दिलीप जायसवाल

बिहार में भूमिहीन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगी जमीन : दिलीप जायसवाल

बिहार में भूमिहीन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगी जमीन : दिलीप जायसवाल
Modified Date: August 10, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: August 10, 2026 7:46 pm IST

पटना, 10 अगस्त (भाषा) बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने सोमवार को कहा कि सभी भूमिहीन सरकारी स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध करायी जाएगी और शिक्षा विभाग से जुड़े भूमि विवादों के समाधान के लिए जल्द ही एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

जायसवाल ने यहां शिक्षा विभाग के राज्यस्तरीय चिंतन शिविर में कहा कि राज्य में कई सरकारी विद्यालय अपनी जमीन नहीं होने या अतिक्रमण के कारण समस्याओं से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग को अब तक 147 ऐसे विद्यालयों की सूची मिली है, जिनकी जमीन पर अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे विद्यालयों की संख्या और बढ़ सकती है, लेकिन सभी विद्यालयों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

जायसवाल ने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) या अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी जो मुख्य रूप से विद्यालयों तक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने और अतिक्रमण हटाने से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो महीनों में 20 केंद्रीय विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन आवंटित की है। उन्होंने कहा कि अब राज्य के अन्य विद्यालयों और उनके खेल मैदानों के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में अभियान तेज किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री ने अधिकारियों से तनावमुक्त होकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि सचिव से लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) स्तर तक के सभी शिक्षा अधिकारियों को महीने में कम से कम एक दिन किसी विद्यालय में जाकर बच्चों से संवाद करना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को अपने काम का नियमित मूल्यांकन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें रात में सोने से पहले दिनभर किए गए कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि काम की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद थे।

सरकार का मानना है कि विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने से राज्य में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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