मुसलमान राजनीति में अपने प्रतिनिधित्व की चिंता खुद करें, किसी दल के पिछलग्गू न बनें: प्रशांत किशोर

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मुसलमान राजनीति में अपने प्रतिनिधित्व की चिंता खुद करें, किसी दल के पिछलग्गू न बनें: प्रशांत किशोर

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 11:19 PM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 11:19 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

पटना, 13 सितंबर (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को बिहार के मुसलमानों से राजनीति में अपने समुदाय के प्रतिनिधित्व की चिंता खुद करने और किसी भी पार्टी का पिछलग्गू बनने से बचने का आह्वान किया।

बांकीपुर के विधायक किशोर ने राज्य की राजधानी पटना के मुस्लिम बहुल सब्जीबाग इलाके में एक अल्पसंख्यक सम्मेलन में यह बात कही। सब्जीबाग उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

किशोर ने कहा,‘‘मैं इस अवसर पर हाल के उपचुनाव में आपके समर्थन के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं। अब हमें अल्पसंख्यकों के लिए एक उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए, जिन्हें लोकतांत्रिक राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए।’’

कहा जा रहा है कि उपचुनाव में शहर की मुस्लिम आबादी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बजाय प्रशांत किशोर की पार्टी (जन सुराज) के पक्ष में भारी मतदान किया है। अबतक सभी राजनीतिक दलों में राजद ही मुसलमानों की पहली पसंद हुआ करती थी।

बांकीपुर उपचुनाव किशोर की पार्टी द्वारा लड़ा गया ऐसा पहला चुनाव था, जिसमें उसने जीत हासिल की। यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 1995 से लगातार जीत दर्ज करती आ रही थी।

यह उपचुनाव पांच बार के विधायक रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद विधानसभा सीट छोड़ने के कारण जरूरी हो गया था।

किशोर ने कहा, “मैं बिहार के सभी सामाजिक वर्गों के लोगों से यह कहना चाहता हूं कि वे खुद को उनका हितैषी बताने वाले नेताओं के बहकावे में आने के बजाय अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करें। अल्पसंख्यकों से भी मेरा यही विशेष अनुरोध है कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल का पिछलग्गू बनने के बजाय, राजनीति में अपनी उचित हिस्सेदारी हासिल करने के लिए स्वयं संघर्ष करना चाहिए।’’

संयोगवश, पूर्व चुनावी रणनीतिकार आधा दशक पहले राजनीति में कदम रखने के समय से ही अल्पसंख्यक समुदाय को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं, जब उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला था।

इस मुद्दे पर जद(यू) के अस्पष्ट रुख की आलोचना करने के कारण किशोर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने खुद के राजनीतिक दल का गठन किया।

हालांकि उनका यह दल पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में अपना कोई प्रभाव छोड़ने में पूरी तरह विफल रहा, जबकि उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों – महिलाओं, अल्पसंख्यकों और अत्यंत पिछड़े वर्गों को “उचित प्रतिनिधित्व” देने का वादा किया था।

किशोर ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि जन सुराज पार्टी विधान परिषद की उन सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां अगले महीने मतदान होना संभावित है।

भाषा सुमित राजकुमार

राजकुमार