पटना उच्च न्यायालय ने बेगूसराय में महादलित महिला को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाई

पटना उच्च न्यायालय ने बेगूसराय में महादलित महिला को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाई

पटना उच्च न्यायालय ने बेगूसराय में महादलित महिला को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाई
Modified Date: March 11, 2026 / 03:07 pm IST
Published Date: March 11, 2026 3:07 pm IST

पटना, 11 मार्च (भाषा) पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि बेगूसराय जिले में महादलित समुदाय की एक महिला को उसकी बस्ती से बेदखल करने की कार्रवाई अगले आदेश तक स्थगित रखी जाए।

न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने मंगलवार को बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर क्षेत्र के जैमंगला गढ़ स्थित मुसहर बस्ती की निवासी सरोज देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को यह निर्देश दिया।

मुसहर समुदाय राज्य के सबसे वंचित महादलित समुदायों में से एक माना जाता है।

अदालत के आदेश में कहा गया, “याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत कदम उठाए बिना ही चेरिया बरियारपुर के अंचलाधिकारी ने सीधे अधिनियम की धारा 6(2) के तहत नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दे दिया। याचिकाकर्ता के अनुसार यह लोक भूमि पर अतिक्रमण नहीं है, बल्कि वे परचा धारक हैं।”

अदालत ने कहा कि इस चरण में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया, ताकि वे आवश्यक निर्देश प्राप्त कर अदालत को यह बता सकें कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत आवश्यक कदम उठाए गए हैं या नहीं।

न्यायमूर्ति कुमार ने आदेश में कहा, “राज्य के अधिवक्ता के अनुरोध पर इस मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित की जाती है और राज्य के अधिवक्ता से अपेक्षा की जाती है कि वे चेरिया बरियारपुर के अंचलाधिकारी को अगली सुनवाई की तिथि तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लागू नहीं करने की सूचना दें।”

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात अप्रैल के लिए निर्धारित की है।

भाषा कैलाश खारी

खारी


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