Patna News: पटना एयरपोर्ट बना अखाड़ा… कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूसे, नेताओं के सामने किया हाई वोल्टेज हंगामा…
बिहार की राजनीति में कांग्रेस के अंदर की कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला पटना एयरपोर्ट का है, जहां टिकट बंटवारे से नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। पर क्यों, चलिए इस खबर में विस्तार से बताते हैं।
patna news: image source: IBC24
- पटना के एयरपोर्ट में आपस में भिड़े कांग्रेसी
- कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट, हुआ हंगामा
- कांग्रेस नेता राजेश राम और शकील अहमद खान के साथ हुई धक्का-मुक्की
Patna News: पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों जहां एक ओर महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है, वहीं कांग्रेस के अंदर की कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला पटना एयरपोर्ट का है, जहां टिकट बंटवारे से नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। हैरान कर देने वाली बात ये रही कि पूरी घटना के दौरान प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रभारी और विधायक दल के नेता मौके पर मौजूद थे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने किसी की कोई परवाह नहीं की।
क्या है पूरा मामला ?
Patna News: जानकारी के मुताबिक, पटना एयरपोर्ट पर उस समय हंगामा मच गया जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु और कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान दिल्ली से पटना पहुंचे। उनके स्वागत के लिए कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन अचानक ही नारेबाज़ी शुरू हो गई और देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया। ‘राजेश राम मुर्दाबाद’ और ‘टिकट वापस लो’ जैसे नारों के बीच दो गुटों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। लात-घूसे चले, धक्का-मुक्की हुई और अफरातफरी का माहौल बन गया।
इसलिए हुई झड़प…
Patna News: यह झड़प दरअसल विक्रम विधानसभा सीट को लेकर मची खींचतान का नतीजा बताई जा रही है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व विधायक अनिल शर्मा को टिकट दिया है, जिससे नाराज़ अशोक गगन के समर्थकों ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया। इन समर्थकों का आरोप है कि अनिल शर्मा को फिर से टिकट देकर कांग्रेस नेतृत्व ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है। इसी मुद्दे पर दिल्ली से आए नेताओं के समर्थकों और गगन समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई।
बताया जा रहा है कि बीजेपी ने विक्रम से सिद्धार्थ सौरव को टिकट दिया है, जो पहले कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं और बाद में NDA में शामिल हो गए। कांग्रेस की रणनीति उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने की थी, लेकिन पार्टी के अपने कार्यकर्ता ही इस फैसले से नाराज़ नजर आ रहे हैं।

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