बक्सर जेल में विचाराधीन कैदी की मौत के बाद प्रदर्शन, जेल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

बक्सर जेल में विचाराधीन कैदी की मौत के बाद प्रदर्शन, जेल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

बक्सर जेल में विचाराधीन कैदी की मौत के बाद प्रदर्शन, जेल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: February 28, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: February 28, 2026 5:26 pm IST

बक्सर, 28 फरवरी (भाषा) बिहार की बक्सर केंद्रीय जेल में एक विचाराधीन कैदी की मौत के बाद उसके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और साजिश का आरोप लगाया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मृतक की पहचान बक्सर जिले के विराट नगर निवासी राजेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है।

सिंह को शराब बेचने के आरोप में टाउन पुलिस थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में 12 फरवरी को केंद्रीय जेल में रखा गया था।

जेल अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने पत्रकारों को बताया, ‘‘सिंह पीलिया से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। उसे सुबह 9.47 बजे दिल का दौरा पड़ा और उसे सुबह 9.51 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।’’

हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया कि सिंह के गाल, गर्दन, छाती और पेट पर चोट के निशान थे।

पीड़ित की पत्नी ने कहा कि दो दिन पहले हुई मुलाकात के दौरान उनके पति स्वस्थ नजर आ रहे थे और दो मार्च को उसे जमानत मिलने की उम्मीद थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह दिल का दौरा होता, तो इतने सारे चोट के निशान नहीं होते।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि संभवतः जेल के अंदर सिंह की ‘‘पीट-पीटकर हत्या’’ की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों के बाद अस्पताल के बाहर और बाद में ज्योति प्रकाश चौक के पास स्टेशन रोड पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हुए, शाम लगभग छह बजे से 8:30 बजे तक यातायात बाधित किया और टायर जला दिए।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही नाकेबंदी हटाई गई।

सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय और नगर एसएचओ मनोज कुमार सिंह सहित विभिन्न पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

पुलिस ने बताया कि परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर केंद्रीय जेल के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर प्राप्त करने का प्रयास किया गया था, जिसमें कहा गया था कि कथित तौर पर पीलिया से पीड़ित सिंह की आकस्मिक मौत हो गई थी।

उन्होंने विधवा के लिए सरकारी नौकरी, मुआवजे और जेल अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष पूरे होने के बाद ही चलेगा।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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