बिहार में पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, 30 दिन में समस्याओं का समाधान होगा : मुख्यमंत्री

बिहार में पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, 30 दिन में समस्याओं का समाधान होगा : मुख्यमंत्री

बिहार में पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, 30 दिन में समस्याओं का समाधान होगा : मुख्यमंत्री
Modified Date: May 11, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: May 11, 2026 5:13 pm IST

पटना, 11 मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का 30 दिन के भीतर समाधान सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया स्वत: प्रभावी हो जाएगी।

सम्राट ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि ये मंच आम लोगों की समस्याओं के त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान के लिए शुरू किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सम्राट ने कहा, “पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाकर 30 दिन में लोगों की समस्याओं का निपटारा किया जाएगा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) इसकी वास्तविक समय में निगरानी करेंगे।”

सम्राट ने कहा कि अगर संबंधित अधिकारी 30 दिन के भीतर आवेदन का निष्पादन नहीं करते हैं, फाइल लंबित रखते हैं या काम में लापरवाही बरतते हैं, तो वे 31वें दिन स्वत: निलंबित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर ही निलंबन संबंधी प्रारूप तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को राज्य की सभी पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन लिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आवेदन के निष्पादन के बाद उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे आवेदकों को ऑनलाइन आदेश देखने की सुविधा भी मिलेगी।

सम्राट ने कहा कि पहले आवेदनों के निपटारे की कोई समय सीमा तय नहीं थी, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के तहत स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

सम्राट ने कहा कि भूमि विवाद, कचरा प्रबंधन और पुलिस से संबंधित स्थानीय समस्याओं का भी 30 दिन के भीतर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी भूमि का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और सरकारी जमीन की पहचान सुनिश्चित करने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग सभी प्रखंड, अंचल और थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रहा है, ताकि गतिविधियों की निगरानी की जा सके।

उन्होंने कहा, “जब तक लोगों के आवेदन आते रहेंगे, तब तक ‘सहयोग शिविर’ आयोजित होते रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।”

कार्यक्रम के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंद्र ने ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर-1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।

इस मौके पर बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद थे।

भाषा

कैलाश पारुल

पारुल


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